बकौल गोपाल राय, एमसीडी चुनाव के बाद से विश्वास ने हर फोरम पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व 'आप' को बदनाम किया है। ऐसे में वह राज्य सभा जाकर भी पार्टी को खत्म करने का मंच बनाते। यहां तक कि कुमार विश्वास ने 'आप' के 20 विधायकों के साथ अपने घर में गुपचुप बैठक तक कर ली थी। इसके पीछे उनका मकसद पार्टी में तख्तापलट कर खुद 'आप' का सर्वेसर्वा बनना और कपिल मिश्रा को सीएम बनाना था
सोशल मीडिया पर आप कार्यकर्ताओं का कुमार विश्वास का चयन न करने के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि एमसीडी चुनाव से पहले पार्टी में कुमार विश्वास को राज्य सभा भेजने पर सहमति थी। इसकी जानकारी विश्वास को भी दे दी गई। गोपाल राय का आरोप है कि दिक्कत इसके बाद ही शुरू हुई। पार्टी ने दो दिन पहले ही राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर तीन लोगों के नाम की घोषणा की है। उसमें कुमार विश्वास का नाम नहीं था। इसके बाद मीडिया के सामने आये कुमार विश्वास ने कहा कि उन्हें सच बोलने की पार्टी की तरफ से सजा दी गई।