राकेश टिकैत को लेकर वीके सिंह ने दिया बड़ा बयान
Delhi Police Commissioner is holding a meeting with senior police officials over the proposed chakka jam by agitating farmers tomorrow.
जो लोग यहां नहीं आ पाए वो अपने-अपने जगहों पर कल चक्का जाम करेंगे
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जो लोग यहां नहीं आ पाए वो अपने-अपने जगहों पर कल चक्का जाम शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे। ये जाम दिल्ली में नहीं होगा।
दिल्ली-मेरठ, NH-9 और NH-24 के सभी छह लेन बंद
दिल्ली यातायात पुलिस अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली और गाजियाबाद को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ेगा क्योंकि गाजीपुर-गाजियाबाद (यूपी गेट) सीमा पूरी तरह से बंद है। दिल्ली-मेरठ, NH-9 और NH-24 के सभी छह लेन भी बंद हैं।
देश में शनिवार को 12 बजे से 3 बजे तक किया जाएगा चक्का जाम
किसान नेता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि शनिवार को सभी राज्य और जिलों के हाइवे पर चक्का जाम किया जाएगा। दिल्ली में तो पहले से ही किसान बैठे हैं इसलिए यहां चक्का जाम वाली स्थिति नहीं होगी। देश की अन्य जगहों पर 12 बजे से 3 बजे तक चक्का जाम की स्थिति रहेगी। आज 10 बजे की बैठक में हम ये तय करेंगे कि किस तरह से शांतिपूर्ण ढंग से ये आंदोलन करना है और संयुक्त मोर्चा की तरफ से दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।
आंदोलन स्थल पर बिजली, पानी की सप्लाई शुरू की जाए
विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख मांग की है कि आंदोलन स्थल पर बिजली, पानी की सप्लाई शुरू की जाए। सरकार द्वारा जो भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं उन्हें रोका जाए।
किसान आंदोलन ‘अराजनीतिक’ रहा है और आगे भी रहेगाः संयुक्त किसान मोर्चा
किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि आंदोलन अब तक ‘अराजनीतिक’ रहा है और ‘आगे भी रहेगा’ तथा किसी भी राजनीतिक दल के नेता को उसके मंच का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
फर्जी खबरों पर राजद्रोह का केस
दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर रैली से पहले फर्जी खबरें फैलाने वाले कुछ सोशल मीडिया अकाउंट व अन्य के खिलाफ राजद्रोह समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किये हैं। 26 जनवरी को या इससे पहले डिजिटल हमले से जुड़े दस्तावेज 'टूलकिट' को लेकर विवाद हुआ था। पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने भी इसे शेयर किया था। ऐसे में एफआईआर में उनका नाम होने की चर्चा थी लेकिन एफआईआर में किसी को नामजद नहीं किया गया है।
गाजीपुर बॉर्डर पर हालात भारत-पाकिस्तान सीमा जैसे
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को 10 विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने गुरुवार को पत्र लिखकर कहा कि गाजीपुर बॉर्डर पर हालात भारत-पाकिस्तान सीमा जैसे हैं और किसानों की स्थिति जेल के कैदियों जैसी है। शिरोमणि अकाली दल, द्रमुक, एनसीपी और तृणमूल कांग्रेस समेत इन पार्टियों के 15 सांसद को गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों से मिलने गए थे पर वह किसानों से नहीं मिल सके।
Latest visuals from Ghazipur border (Delhi-Uttar Pradesh border) where farmers' protest against three agriculture laws enters 70th day. pic.twitter.com/pgmHhEOhwy