गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर हिंसा के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है उसमें पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्का सदाना का नाम भी शामिल है। बकौल दिल्ली पुलिस दीप घटनाक्रम में शामिल था।
यही नहीं, क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता दर्शन पाल सिंह को दिल्ली के पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिस्वाल ने एक पत्र लिखकर यह स्पष्ट करने को कहा है कि ट्रैक्टर रैली के दौरान समझौता तोड़ने को लेकर क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस ने किसान नेता से तीन दिन में जवाब मांगा है। पुलिस ने संगठन के उन लोगों के नाम भी मांगे हैं जो हिंसक गतिविधियों में लिप्त थे।
हरियाणा सरकार ने 28 जनवरी शाम 5 बजे तक सोनीपत, पलवल, और झज्जर जिलों में इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं निलंबित रहेंगी।
भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने कहा कि कल दिल्ली में ट्रैक्टर रैली काफी सफलतापूर्वक हुई। अगर कोई घटना घटी है तो उसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार रहा है। कोई लाल किले पर पहुंच जाए और पुलिस की एक गोली भी न चले। यह किसान संगठन को बदनाम करने की साजिश थी। किसान आंदोलन जारी रहेगा।
भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने चिल्ला बॉर्डर से अपना कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन को खत्म कर दिया है। जो ट्रैफिक यहां किसानों के प्रदर्शन के कारण बाधित हो रखा था, अब हम उसे सुचारू रूप से चलाने का प्रयास कर रहे हैं: एडीसीपी, रणविजय सिंह, नोएडा, उत्तर प्रदेश
दिल्ली में कल हुई हिंसा के बाद आज दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर किसानों के नाम पर आंदोलन कर रहे लोगों को हटाने, सड़के और सार्वजनिक स्थान खाली कराने, दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को पद से हटाने, लाल किले पर जो पुलिस वाले अपनी ड्यूटी सही से नहीं निभा सके उन्हें हटाने की अपील की गई है।
दिल्ली पुलिस आज शाम 7.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा की जानकारी देगी। पहले यह प्रेस कॉन्फ्रेंस शाम चार बजे होनी थी लेकिन अब पुलिस ने जानकारी दी है कि शाम 7.30 बजे प्रेस वार्ता होगी।
जिन किसान नेताओं के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है उनमें मेधा पाटकर, बूटा सिंह का भी नाम है, इन्हें 26 जनवरी की हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। एफआईआर में इन पर सहमत रास्तों पर न जाने, समय का ध्यान न रखने रिपब्लिक डे परेड में व्यवधान पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
किसान आंदोलन से अलग होने के अपने बयान पर वीएम सिंह ने स्पष्टीकरण भी दिया है कि आंदोलन से अलग होने का निर्णय राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन और उसके सभी पदाधिकारियोंं का है न कि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति का है।
किसान आंदोलन के समर्थन में अभय चौटाला ने विधायक पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने चंडीगढ़ में विधानसभा स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके बाद उन्होंने कहा कि, जो किसान नेता आंदोलन की अगुवाई कर रहे थे उनके खिलाफ केंद्र सरकार ने मुकदमे दर्ज किए। कल दिल्ली में जो हुआ वह केंद्र सरकार की साजिश थी।
कांग्रेस ने 26 जनवरी के दिन दिल्ली में हुई हिंसा के लिए देश के गृहमंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह हिंसा योजनाबद्ध तरीके से की गई जिसे केंंद्र से संरक्षण मिला। कांग्रेस ने कहा कि आंदोलन को छलपूर्वक हटाने की कोशिश की गई। कांग्रेस ने ये भी मांग की है कि, पीएम मोदी को गृहमंत्री को बर्खास्त करना चाहिए।
किसान नेता वीएम सिंह ने आंदोलन से नाम वापस ले लिया है और साथ ही राकेश टिकैत व अन्य किसान नेताओं पर कई आरोप लगाए हैं। वीएम सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने भड़काया उन पर सख्त कार्रवाई हो। वीएम सिंह ने कहा कि, सरकार की भी गलती है जब कोई 11 बजे की जगह 8 बजे निकल रहा है तो सरकार क्या कर रही थी। जब सरकार को पता था कि लाल किले पर झंडा फहराने वाले को कुछ संगठनों ने करोड़ों रुपये देने की बात की थी तो सरकार क्या कर रही थी। वीएम सिंह आगे बोले, हिंदुस्तान का झंडा, गरिमा, मर्यादा सबकी है। उस मर्यादा को अगर भंग किया है, भंग करने वाले गलत हैं और जिन्होंने भंग करने दिया वो भी गलत हैं। आईटीओ में एक साथी शहीद भी हो गया। जो लेकर गया या जिसने उकसाया उसके खिलाफ पूरी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने राकेश टिकैत पर आरोप लगाते हुए कहा कि टिकैत अलग रास्ते से जाना चाहते थे। वह लाल किले पर जाना चाहते थे।
दिल्ली पुलिस ने अपनी एफआईआर में आईटीओ में हुई हिंसा का क्रमवार ब्योरा दिया है और ये भी बताया है कि कैसे पुलिस के बार-बार लाउड स्पीकर पर अनाउंस करने के बाद भी किसानों ने कानून व्यवस्था नहीं बनाए रखी और हिंसा करते हुए आगे बढ़ते रहे। इस एफआईआर ट्रैक्टर के उस एक्सीडेंट की भी बात है जिसमें एक किसान की मौत हो गई थी। बताया गया है कि ट्रैक्टर के हादसे के बाद पुलिसवालों ने ट्रैक्टर चालक को बचाने की भी कोशिश की लेकिन एक अन्य ट्रैैक्टर आया और उन्हें कुचलने की कोशिश की जिसके चलते पुलिसवालों को वहां से भागना पड़ा।
किसानों के हमले में घायल हुए डीसीपी उत्तर के ऑपरेटर संदीप ने बताया, 'हम लाल किले पर गणतंत्र दिवस की ड्यूटी पर थे। वहां एक उग्र भीड़ आई और उन्होंने अचानक लाठी-डंडे और जो भी हथियार उनके पास थे उनसे हमला कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि पुलिस को बहुत मशक्कत करनी पड़ी। दूसरी तरफ मोहन गॉर्डन के SHO बलजीत सिंह भी हमले में घायल हुए थे उन्होंने कहा, नजफगढ़ रोड पर हमने बैरिकेड से रास्ता रोका था। किसान प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर लेकर नजफगढ़ की तरफ से आए। उन्होंने बैरिकेड तोड़ दिया और पथराव शुरू कर दिया। वे बहुत हिंसक थे और उनके पास हर तरह के हथियार थे। कई ने शराब भी पी थी।
वहीं दिल्ली पुलिस ने ये भी जानकारी दी है कि, उसकी एफआईआर में (किसान ट्रैक्टर रैली के संबंध में एनओसी के उल्लंघन के लिए) किसान नेता दर्शन पाल, राजिंदर सिंह, बलबीर सिंह राजेवाल, बूटा सिंह बुर्जगिल और जोगिंदर सिंह उग्रा के नाम हैं। एफआईआर में बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का भी नाम है। वहीं दिल्ली पुलिस भी लाल किले का मुआयना करने पहुंची, जिसकेे आधार पर वह रिपोर्ट देगी।
इस वक्त गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर दिल्ली हिंसा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक चल रही है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जानकारी दी है कि दिल्ली पुलिस आज शाम 4.00 प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कल हुई हिंसा को लेकर सभी सवालों के जवाब देगी। इस दौरान प्रकाश जावड़ेकर ने ये भी कहा कि सरकार ने ये कभी नहीं बोला कि किसानों के साथ बातचीत का स्कोप खत्म हो गया है।
ट्रैक्टर रैली खत्म हाेने के बाद यूपी गेट पर बैठे कई किसानाें ने अब अपने लंगर हटाने शुरू कर दिए हैं, जबकि हाईवे पर किसानों के लंगर और पंडालाें में भी किसानाें की संख्या कम हाे रही है। वहीं ऐसा ही हाल चिल्ला बॉर्डर का भी है, हालांकि यहां पर प्रदर्शनकारी कम नहीं हुए हैं बल्कि पुलिस कार्रवाई के डर से तितर-बितर हैं और अलग-अलग जगह बैठे हैं।
दिल्ली के लाल किले पर हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर क्राइम ब्रांच को जांच सौंप दी है।
दिल्ली पुलिस ने 26 जनवरी के दिन निकाली गई ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली के कई इलाकों में हुई हिंसा में 200 लोगों को हिरासत में लिया है, जल्द ही इन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कल की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज एक ऐसा ट्वीट किया है जो किसानों और सरकार दोनों के लिए है। उन्होंने इशारों में किसानों से विनम्रता रखने और सरकार से कृषि कानून वापस लेने की बात कही है। राहुल ने ट्वीट किया, 'विनम्र तरीके से आप दुनिया हिला सकते हैं। -महात्मा गांधी
एक बार फिर मोदी सरकार से अपील है कि तुरंत कृषि-विरोधी कानून वापस लिए जाएं।'
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुए बवाल के बाद आज दिल्ली पुलिस ने दस धाराओ में केस दर्ज किया है। इनमें डकैती की धाराएं भी हैं। दिल्ली पुलिस ने IPC Sec 395 (डकैती), 397 (डकैती, या डकैती, मौत या शिकायत पर चोट पहुंचाने की कोशिश), 120 b (आपराधिक साजिश की सजा) और अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने मामले में 22 एफआईआर दर्ज की हैं।
लाल किले पर झंडा फहराने के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस देख रही है कि खालिस्तान की इसमें कोई भूमिका तो नहीं है।
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की दिल्ली के आईटीओ पर किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान रामपुर के युवा किसान की ट्रैक्टर पलटने से मौत हो गई। युवा किसान का शव रामपुर पहुंचा। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव उसके गांव भेजा गया। आज उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
दिल्ली के लाल किले के अंदर तोड़फोड़ की गई, जहां पर सामान बिखरे और कांच के टुकड़े ज़मीन पर पड़े हुए दिखे।
दिल्ली के लाल किले के अंदर की तस्वीरें हैं। जहां पर सीसीटीवी कैमरा टूटा हुआ है, सामान ज़मीन पर बिखरे हुए है और कांच के टुकड़े भी ज़मीन पर पड़े हुए दिखे। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने कल किले के पोल पर चढ़कर अपना झंडा फहराया था।
शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि उकसाने का काम तो किसान संगठन के नेताओं ने किया। किसान संगठन का हर नेता सिर्फ भड़काने में लगा हुआ था। अब जब ये घटना घट गई तब वे तरह-तरह का ज्ञान दे रहे हैं:
भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि जो शंका थी वो सही साबित हुई। किसान संगठन बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे कि अनुशासन रहेगा कि हम जश्न में शामिल हो रहे हैं। यह जश्न था या गणतंत्र दिवस के दिन भारत पर हमला था? इन्होंने लाल किले को अपवित्र किया है। इस सबके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
किसान मज़दूर संघर्ष समिति के जनरल सचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि दीप सिद्धू की फोटो पीएम के साथ भी आ रही है। हमें इन पर शक है। अब दीप सिद्धू जी किधर से लाल किले के पास गए और कहां से वापस आए। जिन लोगों ने ऐसा किया उन्हें चिंहित किया जाएगा। ये सब किसान मज़दूर को बदनाम करने के लिए किया गया है।
किसान मज़दूर संघर्ष समिति के जनरल सचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि हमारा कार्यक्रम दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर था वहां पर जाकर हम लोग वापस आ गए। हमारा न तो लाल किले का कार्यक्रम था, न ही झंडा फहराने का था। जिन लोगों ने ये काम किया हम उनकी निंदा करते हैं। जिसने भी ये काम किया वो दोषी है।
अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश लगातार चल रही थी। हमें डर था कि कोई साजिश कामयाब न हो जाए, मगर आखिर में साजिश कामयाब हो गई। लाल किले में बिना किसी सांठगांठ के कोई नहीं पहुंच सकता। इसके लिए किसानों को बदनाम करना ठीक नहीं है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल ने लाल किले का दौरा किया। पटेल नुकसान का आंकलन करने लाल किला पहुंचे थे। आपको बता दें कि उपद्रवियों ने कल यानि 26 जनवरी को लाल किले में तोड़फोड़ की थी।
दिल्ली के पुलिस आयुक्त कल किसान रैली के दौरान हिंसा के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि कोई पंधेर, पन्नू और दीप सिद्धू हैं ये तीन लोग जिन्हें अभी तक पंजाब वालों ने चिन्हित किया है जिन्होंने ये सारा कारनामा किया है। इनको बहुत बड़ी फंडिंग हुई है कि किसानों के आंदोलन को कैसे तबाह करना है। सरकार को ऐसे लोगों को कालकोठरियों में डाल देना चाहिए।
भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि दीप सिद्धू सिख नहीं हैं, वे भाजपा के कार्यकर्ता हैं। पीएम के साथ उनकी एक तस्वीर है। यह किसानों का आंदोलन है और ऐसा ही रहेगा। कुछ लोगों को तुरंत इस जगह को छोड़ना होगा- जो लोग बैरिकेडिंग तोड़ चुके हैं वे कभी भी आंदोलन का हिस्सा नहीं होंगे।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि बड़ी तादाद में किसान संसद मार्च नहीं करेंगे। किसान संगठनों के चुनिंदा प्रतिनिधि अपनी मांगों का ज्ञापन लेकर पैदल मार्च करते हुए संसद तक जाएंगे। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय आज संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में लिया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि 26 जनवरी को आंदोलनकारी किसानों द्वारा दिल्ली पुलिस पर हमला करने से 300 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हुए हैं।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि आईटीओ में कल एडिशनल डीसीपी सेंट्रल के ऑपरेटर पर तलवार से हमला किया गया था।
देश की राजधानी दिल्ली में किसान रैली के दौरान हुई हिंसा को लेकर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट कर निंदा की है। बुधवार को मायावती ने ट्विट किया और लिखा कि देश की राजधानी दिल्ली में कल गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की हुई ट्रैक्टर रैली के दौरान जो कुछ भी हुआ, वह कतई भी नहीं होना चाहिए था। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण तथा केन्द्र की सरकार को भी इसे अति-गंभीरता से ज़रूर लेना चाहिए। साथ ही, बीएसपी की केन्द्र सरकार से पुनः यह अपील है कि वह तीनों कृषि कानूनों को अविलम्ब वापिस लेकर किसानों के लम्बे अरसे से चल रहे आन्दोलन को खत्म करे ताकि आगे फिर से ऐसी कोई अनहोनी घटना कहीं भी न हो सके।
किसानों के कल के हुड़दंग को देखते हुए नई दिल्ली में सभी वीआईपी जगहों की सुरक्षा बढ़ाई गई। भारी संख्या में दिल्ली पुलिस ओर अर्ध सैनिक बल बल तैनात किया गया। एचएम व पीएम आवास की तरफ जाने वाले मार्गों पर विशेष नजर रखी जा रही है। नई दिल्ली में चौकसी बढ़ती जा रही है।
टिकरी बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है।
मिंटो रोड से कनाट प्लेस जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया है, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपील की है कि कृपया इस मार्ग के प्रयोग से बचें।
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जिसने झंडा फहराया वो कौन आदमी था? एक कौम को बदनाम करने की साज़िश पिछले 2 महीने से चल रही है। कुछ लोग को चिंहित किया गया है उन्हें आज ही यहां से जाना होगा। जो आदमी हिंसा में पाया जाएगा उसे स्थान छोड़ना पड़ेगा और उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
दिल्ली में कल किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान आईटीओ इलाके में हुई हिंसा के बाद आज आईटीओ में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
गाज़ीपुर मंडी, नेशनल हाइवे-9 और नेशनल हाइवे-24 को बंद कर दिया है, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपील है कि है कि जिसे दिल्ली से गाज़ियाबाद जाना है वह कड़कड़ी मोड़, शाहदरा और DND का प्रयोग करें।
दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर सुरक्षाबल तैनात हैं। दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है।
राष्ट्रीय राजधानी के लाल किले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने कल किले के पोल पर चढ़कर अपना झंडा फहराया था।
किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के संबंध में दिल्ली पुलिस ने अब तक 22 प्राथमिकी दर्ज की हैं। इनमें से ईस्टर्न रेंज में 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं। दिल्ली पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुड़दंग करने वालों की पहचान करने में जुटी है।
कल हुए बवाल के बाद आज सिंघु बॉर्डर पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसान विरोध-प्रदर्शन जारी है।
कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर शांतिपूर्ण ट्रैक्टर रैली के दौरान हुए बवाल के बाद दिल्ली में कड़ी सुरक्षा है। किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के संबंध में दिल्ली पुलिस ने अब तक 22 प्राथमिकी दर्ज की हैं। इनमें से ईस्टर्न रेंज में 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं, आज भी दिल्ली में कई रास्ते बंद हैं। दिल्ली में किसानों के उग्र प्रदर्शन के अराजक हो जाने के बाद हुई हिंसा में कम से कम 86 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।