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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: दिल्ली पुलिस की 'लेडी सिंघम' हैं किरण सेठी, लाखों लड़कियों को सिखा चुकी हैं आत्मरक्षा

Sun, 07 Mar 2021 03:32 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किरण सेठी - फोटो : अमर उजाला
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आठ मार्च को पूरा विश्व अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाता है। इस दिन विशेष कर हम महिलाओं की शक्ति पर चर्चा करते हैं और उनके सशक्तिकरण को लेकर भविष्य पर बातचीत करते हैं। इस बार आपको बता रहे हैं दिल्ली पुलिस की लेडी सिंघम के नाम से पहचानी जाने वाली किरण सेठी के बारे में जिन्होंने अपने प्रयास से लाखों लड़कियों की जिंदगी बदलने का काम किया है।

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किरण ने आत्मरक्षा के गुर सिखाते हुए लाखों लड़कियों को ट्रेनिंग दी है और उन्हें इस तरह तैयार किया है कि हर परिस्थिति में वो अपनी सुरक्षा खुद कर सकें। किरण बताती हैं कि उन्होंने स्कूली शिक्षा के दौरान जूडो सीखना शुरू किया था। जब उन्होंने जूडो में अपनी दिलचस्पी दिखाई तो उनके मां-बाप ने बहुत समर्थन नहीं किया था। उन्हें डर था कि कहीं इससे किरण के हाथ-पैर टूट गए तो उनकी शादी कैसे होगी।

लेकिन उन्होंने एक्सट्रा क्लासेज का बहाना बनाकर स्कूल के बाद जूडो सीखना जारी रखा। किरण के पेरेंट्स को इसकी जानकारी तब हुई जब वो दिल्ली राज्य स्तर पर जूडो में स्वर्ण पदक जीत कर लौटीं और अगले दिन के अखबारों में किरण का नाम आया था। इसपर किरण के अभिभावक बहुत खुश हुए और फिर खुलकर उनका समर्थन करने लगे।
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किरण बताती हैं कि उनकी मां ही उनकी प्रेरणा हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर पद पर पहुंचने के लिए अपने कोच शिवकुमार कोहली के मार्गदर्शन को भी श्रेय देती हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मार्शल आर्ट और ताइक्वांडो जैसे क्षेत्र में खुद को आजमाना चाहा तो कई लोगों ने इन्हें लड़कों वाले खेल बताकर उनका हौसला तोड़ने की भी कोशिश की, लेकिन किरण हार नहीं मानीं। वो बताती हैं कि उन्होंने अपने क्लब के लड़कों से भी ट्रेनिंग के दौरान बहुत कुछ सीखा।

दिल्ली पुलिस को देती हैं ट्रेनिंग
1987 में दिल्ली पुलिस में भर्ती होने के बाद जब किरण को ट्रेनिंग देने के लिए भेजा गया तो उनके कैंप में केवल लड़के ही थे। वह दिल्ली पुलिस की पहली महिला हैं जो पुरुषों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देती हैं। किरण बताती हैं कि वो पल बेहद गौरव का क्षण होता था।

उन्होंने बताया कि एक बार किसी दुर्घटना में उनके पैर में चोट लग गई थी, जिसके बाद अचानक सभी चीजों पर ब्रेक लग गई थी। उन्होंने ट्रेनिंग देना बंद कर दिया था, लेकिन अपने साहस के बलबूते उन्होंने फिर से सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग शुरू कर दी। आज की तारीख में किरण के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं।

अब तक उन्होंने सात लाख से अधिक महिलाओं और लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दे दी है। इसमें कई ऐसे भी बच्चे हैं जिन्हें देखने और सुनने में भी समस्या होती है। किरण अपनी इसी बहादुरी के कारण आज देश भर में 'लेडी सिंघम' के रूप में जानी जाती हैं।

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