नई दिल्ली। राजधानी में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार कम हो रहे हैं। कई सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं शुरू हो गई हैं। अब एम्स में भी किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा फिर से शुरू कर दी गई है। इससे कई मरीजों को लाभ मिलेगा। हर सप्ताह दो मरीजों का किडनी प्रत्यारोपण किया जाएगा। कोरोना के कारण बीते 10 माह से यह सुविधा बंद पड़ी थी।
एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने बताया कि अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण को सुविधा दोबारा शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि संक्रमण के मामलों में कमी आ गई है। दिल्ली में कोरोना कमजोर हो रहा है। वर्तमान हालातों को देखते हुए किडनी प्रत्यारोपण शुरू करने का फैसला किया गया है। गुलेरिया ने कहा कि किडनी प्रत्यारोपण के लिए अस्पताल में खास मानक संचालन प्रक्रिया अपनाई गई है। सभी रोगियों की सुरक्षा का खास ख्याल रखा जा रहा है। प्रत्यारोपण करने वाली टीम को सुरक्षा के पूरे उपकरण दिए जाते हैं। डायलिसिस रूम या आईसीयू में किसी को भी बिना पीपीई अंदर जाने की इजाजत नहीं होती। उन्होंने कहा कि मार्च में संक्रमण की शुरुआत के बाद से ही अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण नहीं हो रहे थे।
डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि अस्पताल में रूटीन सर्जरी भी शुरू हो चुकी है। कई विभागों में मरीजों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही ओपीडी सेवाएं भी पहली की तरह नियमित हो जाएंगी। पहले के मुकाबले अधिक मरीजों को ओपीडी में परामर्श मिलेगा।
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कैंसर सर्जरी भी शुरू की गई
एम्स में ट्रामा सेंटर को कोविड अस्पताल बनाया गया था। इसके बाद ट्रामा के मरीजों के लिए मुख्य परिसर में ट्रामा सेंटर शुरू किया गया था। गुलेरिया ने कहा कि ट्रामा सेंटर भी पुरानी जगह स्थानांतरित कर दिया जाएगा। एम्स के झज्जर स्थित कैंसर संस्थान में भी अब कैंसर के मरीजों की सर्जरी शुरू हो गयी हैं। अभी तक यहां कोरोना के मरीजों का इलाज किया जा रहा था।