संगीत नाटक अकादमी द्वारा संचालित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कथक केंद्र पर शिक्षक द्वारा छात्रा से यौन उत्पीड़न के मामले के बाद एक इकाई बनाई गई है। जिसमें गुरुओं द्वारा छात्राओं के उत्पीड़न की शिकायतों को दर्ज किया जा सकेगा। साथ ही शिकायत के निस्तारण के लिए एक आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) भी बनाई गई है।
कथक केंद्र के निदेशक सुमन कुमार ने कहा कि एक 23 वर्षीय छात्रा ने शिक्षक के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में एफआईआर दर्ज करवाई थी, जिसके बाद इस समिति का गठन किया गया है। आईसीसी में कथक नर्तक राजेंद्र गंगनानी और मालती श्याम शामिल हैं, जो वर्तमान में केंद्र में गुरु हैं। डॉ. मृदुला टंडन, एनजीओ 'साक्षी' के संस्थापक, कथक केंद्र से दो महिला अनुभाग अधिकारी और सुभाष दत्ता और केंद्र के एक सलाहकार के रूप में शामल हैं।
दिसंबर में इसका गठन होने के बाद आईसीसी ने उपाध्याय के खिलाफ शिकायत पर तीन बैठकें की हैं। महिला का बयान और अन्य छात्रों का रिकॉर्ड पहले ही दर्ज किया जा चुका है, जबकि उपाध्याय की गवाही अगले कुछ दिनों में दर्ज की जाएगी। पहली बैठक वर्चुअल थी, जबकि अगली दो बैठकों में सदस्य मिले थे।
बता दें कि छात्रा से छेड़खानी और अश्लील हरकतें करने के आरोप में पखावज शिक्षक पंडित रविशंकर उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी की केंद्र के संचालन में काफी भूमिका रहती थी और वह लंबे समय से इस केंद्र से जुड़ा हुआ था।
पुलिस के अनुसार साउथ दिल्ली में रहने वाली 23 साल की एक युवती चाणक्यपुरी इलाके में स्थित कथक केंद्र पर कथक सीखने के लिए आती थी। 14 दिंसबर को युवती ने अपनी मां के साथ चाणक्यपुरी थाने में अपने डांस टीचर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। युवती कथक केंद्र से कथक का डिप्लोमा ऑनर्स कोर्स कर रही है और थर्ड ईयर की छात्रा है।