विवेक विहार के कस्तूरबा नगर में 26 जनवरी को भीड़ का शिकार बनी 20 साल की पीड़िता के मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार दो पुरुष हैं जबकि एक आरोपी महिला है। गिरफ्तार एक आरोपी युवती के साथ दुष्कर्म के मामले मे शामिल था। पुलिस इस मामले में अब तक दो पुरुष और आठ महिलाओं को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं पकड़े गए अन्य दो आरोपी नाबालिग हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारी हो सकती है और पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर उनके फोन, वारदात में इस्तेमाल डंडा और पाइप बरामद कर लिया गया है। पुलिस उस ऑटो की बरामदगी का प्रयास कर रही है, जिसपर पीड़िता को अगवा किया गया था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पीड़िता काफी डरी सहमी है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने पीड़िता का अदालत में बयान दर्ज करवाया। वहां उसने अपने घर जाने से इंकार कर दिया। इसलिए उसे शेल्टर होम में भेज दिया गया है। वहां उसकी सुरक्षा के साथ साथ देखभाल भी की जा रही है ताकि उसकी मानसिक पीड़ा को कम किया जा सके।
पुलिस ने आरोपियों से कई फोन बरामद किए हैं। जिसमें से एक फोन ऐसा है जिसमे कमरे के भीतर का वीडियो बनाया गया था। पुलिस ने उस फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी कैमरों के जरिए उस ऑटो का नंबर ले लिया गया है, जिसपर पीड़िता को अगवा किया गया था। पुलिस उस ऑटो की बरामदगी के लिए लगातार दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन लोगों की भी तलाश की जा रही है, जिसने पीड़िता को गली में घूमाने के दौरान वीडियो बनाया था। ताकि वायरल वीडियो को सत्यापित किया जा सके।
इलाके में अब भी खौफ का माहौल
इलाके में अब भी खौफ का माहौल है। कस्तुरबा नगर के जिस गली में घटना को अंजाम दिया गया, वहां आज भी सन्नाटा पसरा हुआ है। वहां रहने वाले लोग घटना को लेकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। आस पास रहने वाले लोग बातें कर रहे हैं लेकिन किसी अनजान को देखते ही चुप्पी साध लेते हैं। कोई भी खुलकर इस घटना के बारे में कहने से बच रहा है। गली में इक्का दुक्का लोग ही बाहर में घूमते हुए नजर आए। बताया जा रहा है कि घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए भी लोग अपने घरों से जा चुके हैं। पुलिस जांच के दौरान के घटना को लेकर वायरल हो रहे वीडियो को देखकर उसमें शामिल लोगों की पहचान कर उनपर कार्रवाई कर रही है।
हैवानियत की शिकार हुई पीड़िता गहरे मानसिक सदमे में है। परिवार का कहना है कि गहरे सदमे के कारण वह ठीक से खाना भी नहीं खा पा रही है। वारदात के बाद पुलिस ने उसका प्राथमिक उपचार कराने के बाद उसकी काउसंलिंग भी कराई थी। पीड़िता की हालत यह है कि वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही है। परिवार का कहना है कि दबंग आरोपी कभी भी उनके परिवार को निशाना बना सकते हैं।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष के कहने पर पुलिस ने खानापूर्ति करने के लिए पीड़िता के घर के बाहर तीन पुलिस कर्मियों को परिवार की सुरक्षा के लिए बिठा दिया है। लेकिन उनको परिवार की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं है। पीड़िता के घर में कौन आ रहा है कौन जा रहा है, इससे भी उनको कोई मतलब नहीं था।
पीड़िता की छोटी बहन ने आरोप लगाया है कि आरोपी लगातार उनके परिवार पर उसकी बहन का पता बताने का दबाव बना रहे थे। पिछले करीब दो माह से उन्हें कई बार धमकाया गया। गत 19 जनवरी को आरोपियों ने उसके परिवार पर हमला कर उनका ऑटो जला दिया। उसकी मौसी को भी पीटा गया। पीड़िता की बहन ने दावा किया कि उसने 19 जनवरी को विवेक विहार थाने में जाकर आरोपियों की शिकायत की तो उनकी एक न सुनी गई।
उनको थाने से टरका दिया गया। पुलिस अधिकारी शिकायत मिलने की बात से साफ इंकार कर रहे हैं। पीड़िता की बहन ने बताया कि उसके पिता चार साल से बिस्तर पर हैं, वह अकेली अपनी रक्षा कैसे करेगी। उसका कहना था कि अभी तो मामला गर्म है तो उनके परिवार की सुनी जा रही है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसके परिवार का पता नहीं क्या होगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी परिवार को आगे भी सुरक्षा देने की बात कर रहे हैं।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्वी दिल्ली सांसद के सचिव ने की परिवार से मुलाकात...
कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने शुक्रवार को पीड़ित परिवार से उनके घर जाकर मुलाकात की। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद करने का भरोसा दिया, इसके अलावा आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर पूर्वी दिल्ली सांसद गौतम गंभीर के सचिव गौरव अरोड़ा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। दरअसल सांसद कोरोना संक्रमित हैं, इस वजह से वह खुद पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं कर सके। गौतम गंभीर ने अपने सचिव के जरिये फोन पर पीड़ित परिवार से बातचीत कर उनको हर संभव मदद करने का भरोसा दिया।