फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जूनियर सांख्यिकी अधिकारी अवैध रूप से हथियार बेचने में गिरफ्तार

Tue, 11 Aug 2020 05:10 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
विज्ञापन

श्रम एवं रोजगार विभाग में बतौर सांख्यिकी जूनियर अधिकारी तैनात इंसार खान को क्राइम ब्रांच की साइबर सेल टीम ने अवैध रूप से हथियार बेचने के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी इंसार खान, हरियाणा के करनाल जिले में गन हाउस चलाने वाले पारस चोपड़ा के साथ मिलकर हिस्ट्रीशीटरों को उनकी पत्नी के नाम पर फर्जी लाइसेंस तैयार कर हथियार मुहैया कराता था।

विज्ञापन


दोनों ने मिलकर पश्चिम यूपी के बड़े अपराधी दीपक फुर्तिला को कई हथियार बेचे हैं। पुलिस टीम ने बागपत स्थित फुर्तिला के घर पर छापेमारी कर पिस्तौल समेत कई कारतूस बरामद किए हैं। हालांकि फुर्तिला पुलिस के हाथ नहीं लग पाया। दिल्ली-हरियाणा के हिस्ट्रीशीटरों को भी हथियार मुहैया कराने की बात कही जा रही है।

डीसीपी साइबर सेल भीष्म सिंह के मुताबिक, 4 अगस्त को सूचना मिली कि एक शख्स इंडिया गेट के पास हथियारों की तस्करी करने पहुंच रहा है। एसीपी वीकेपीएस यादव की अगुवाई में पुलिस टीम ने एक शख्स को शक के आधार पर पकड़ा। तलाशी में उसके पास से पिस्तौल, मैगजीन और 5 कारतूस बरामद हुए। आरोपी ने अपना नाम बागपत निवासी इंसार खान (31) बताया। पूछताछ में पता चला कि इंसार, नई दिल्ली स्थित श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में बतौर सांख्यिकी जूनियर अधिकारी तैनात है।
विज्ञापन


सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपने साथी पारस चोपड़ा के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने करनाल में गन हाउस पर छापेमारी कर पारस को पकड़ लिया। आरोपी पारस ने बताया कि वह ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बने हथियारों को फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार कर अपराधियों को बेचता था। इस काम में इंसार उसकी मदद करता था। गन हाउस से पुलिस ने कोलकाता ऑर्डिनेंस फैक्ट्री निर्मित पिस्तौल सहित 14 कारतूस बरामद किए हैं। इंसार के पकड़े जाने के बाद पुलिस को पूरे प्रकरण को सुलझाने में कई दिन लग गए। सूत्रों का कहना है कि क्राइम ब्रांच को अब भी अन्य कई आरोपियों की तलाश है।

लखनऊ में एसएससी पेपर धोधाधड़ी में भी इंसार का नाम
2012 में यूपी के लखनऊ में सामने आए एसएससी पेपर धोखाधड़ी के मामले मेें भी इंसार खान का नाम सामने आया था। उसे अमीनाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कुछ समय बाद ही वह जमानत पर रिहा हो गया था। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में तैनात इंसार पर हिस्ट्रीशीटरों को हथियार बेचने का आरोप है। वह सरकारी नौकरी में है, इसलिए उसे लगा कि पुलिस को उस पर कभी शक नहीं होगा। उसकी पहली पोस्टिंग 2012 से 2015 तक पुणे में थी। 2015 में उसे दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया था। वह अविवाहित हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें