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दिल्ली की जहरीली फिजा: हर सांस दे रहा जोड़ों का दर्द, प्रदूषण के असर से कराह रही हड्डियां; जानें बचाव के तरीके

Sun, 28 Dec 2025 03:57 AM IST
राहुल तिवारी सिमरन, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण से पीएम 2.5 का असर अब हड्डियों और जोड़ों पर भी दिख रहा है। अस्पतालों में जोड़ों के दर्द के मरीज बढ़े हैं। गठिया पीड़ितों का दर्द ज्यादा बढ़ रहा है, दवाओं की मात्रा तक बढ़ानी पड़ रही है।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI
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विस्तार
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दिल्ली-एनसीआर में धुंध छाने के साथ हवा जहरीली हो गई है। लोग का मानना है कि प्रदूषण सिर्फ सांस और दिल को नुकसान पहुंचाता है, लेकिन अब डॉक्टरों ने इसे हड्डियों और जोड़ों के लिए भी खतरा बताया है। प्रदूषण में मौजूद पीएम 2.5 हड्डियों और जोड़ों को भी कमजोर कर रही है। 

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ऐसे में अस्पतालों में इन दिनों जोड़ों के दर्द के मरीजों की संख्या पहले से बढ़ गई है। खासकर वे लोग जो पहले से गठिया (अर्थराइटिस) के मरीज हैं, उनका दर्द इतना बढ़ गया है कि दवा की मात्रा भी बढ़ानी पड़ रही है।

डॉक्टरों का कहना है कि हवा में मौजूद पीएम 2.5 मात्र छोटे कण ही नहीं है, वो बेहद जहरीले कण भी हैं, जो फेफड़ों से होते हुए खून में घुस जाते हैं। इससे पूरे शरीर में सूजन बढ़ने के साथ जोड़ों तक पहुंचकर दर्द और जकड़न बढ़ा देती है। 
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डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और खून का बहाव कम हो जाता है, ऊपर से प्रदूषण का असर। दोनों मिलकर गठिया के मरीजों के लिए मुश्किल पैदा कर रहे हैं। आर्थोपेडिक विभाग के डॉ. अरविंद मेहरा बताते हैं, पिछले दो महीनों में जोड़ों के दर्द के मरीज बहुत बढ़ गए हैं। बुजुर्गों और पहले से गठिया वाले लोगों में यह ज्यादा देखा जा रहा है। 

पीएम 2.5 के संपर्क से 12-18 प्रतिशत बढ़ रहा गठिया होने का खतरा 
यूरोपीय मेडिकल जर्नल में 2025 में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, लंबे समय तक पीएम 2.5 के संपर्क में रहने से गठिया होने का खतरा 12 से 18 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। आरएमएल अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि दिल्ली जैसे प्रदूषित शहरों में यह समस्या और गंभीर है। जिन लोगों को पहले कभी गठिया नहीं था, उन्हें भी अब जोड़ों में दर्द शुरू हो रहा है। 

उन्होंने बताया कि प्रदूषण से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन बढ़ती है, जो जोड़ों के टिश्यू को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में बुजुर्गों, गठिया के मरीजों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में इसका असर ज्यादा देखा जाता है। उन्होंने बचाव के लिए साफ हवा में रहने, हल्का व्यायाम, पानी ज्यादा पीना और प्रदूषण के दिनों में बाहर निकलते समय सावधानी रखने की सलाह दी है।

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लक्षण
  • जोड़ों में दर्द और अकड़न, खासकर सुबह या ठंड में।
  • सूजन या जोड़ों में भारीपन महसूस होना।
  • चलने-फिरने में परेशानी या लचीलापन कम होना।
  • पुराने गठिया के दर्द का बढ़ जाना।
  • घुटनों, कलाई और उंगलियों में ज्यादा दर्द।
  • थकान और शरीर में जकड़न।
  • मौसम या प्रदूषण बढ़ने पर दर्द का अचानक तेज होना।

कैसे करें बचाव? 
  • घर के अंदर रहें, बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें।
  • कमरे में एयर प्यूरीफायर लगाएं।
  • हल्की इनडोर एक्सरसाइज करें, जैसे योग या स्ट्रेचिंग।
  • गर्म कपड़े पहनें और जोड़ों को गर्म रखें।
  • अगर दर्द बढ़े तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
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