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जेएनयू कैंपस हिंसा: एक साल बाद भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं, आईसा ने लगाई पोस्टर प्रदर्शनी

Tue, 05 Jan 2021 06:27 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

- 31 दिसंबर 2019 को नई हॉस्टल गाइडलाइन व फीस बढ़ोतरी के विरोध में सर्वर रूम से तोडफोड़
- 5 जनवरी को साबरमती हॉस्टल में बाहरी लोगों ने की मारपीट
- 11 से अधिक वीडियो पर पुलिस के हाथ रहे खाली, मामले में क्राइम ब्रांच कर रही है अभी तक जांच
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जेएनयू हिंसा के एक साल बाद आईसा ने लगाई पोस्टर प्रदर्शनी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) कैंपस हिंसा का मंगलवार को एक साल हो गया है। हालांकि एक साल बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन से लेकर दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के हाथ अब तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं है। घटना के एक साल बीतने पर आईसा के छात्रों ने साबरमती हॉस्टल में पोस्टर प्रदर्शनी लगाई।

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31 दिसंबर 2019 को नई हॉस्टल गाइडलाइन और फीस बढ़ोतरी के विरोध में सर्वर रूम से शुरू हुई तोडफ़ोड़ और मारपीट की घटना 5 जनवरी 2020 को पेरियार हॉस्टल के अंदर और बाहर छात्र-छात्राओं व शिक्षकों से मारपीट पर जाकर रुकी।

इस मामले में वामपंथी छात्र व शिक्षकों ने जेएनयू प्रशासन पर मिलीभगत तो एबीवीपी पर मारपीट व तोड़फोड़ का आरोप लगाया। वहीं, एबीवीपी ने वामपंथी छात्रों पर निशाना साधा। 11 से अधिक वीडियो होने के बाद भी नकाबपोश कौन थे, अब तक पता नहीं चल पाया।
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जेएनयू कैंपस यूं तो हमेशा सुर्खियों में रहता है, हालांकि ऐसी घटना विश्वविद्यालय के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। एक साल बाद भी सभी छात्र संगठन एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहते हैं।

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वामपंथी छात्र संगठनों के छात्रों ने की मारपीट:

5 जनवरी 2020 का दिन जेएनयू के लिए काला दिन था। वामपंथी छात्रों ने कैंपस टी-प्वाइंट से लेकर साबरमती हॉस्टल तक लाठी-डंडो, लोहे की राड से छात्र-छात्राओं पर हमला किया और तोड़फोड़ की। करीब 40 से 50 नकाबपोश कैंपस में घुसे थे। मेरे साथ हमारे कार्यकर्ता गंभीर रूप से जख्मी हुए। हमने आठ वीडियो पुलिस को भी दिए।-शिवम चौरसिया, अध्यक्ष, एबीवीपी, जेएनयू।

एबीवीपी ने घटना को दिया अंजाम:
यह सब साजिश एबीवीपी ने की थी। हमने पुलिस को वीडियो भी दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने अब तक मामले की पूरी जांच तक नहीं की है। मेरे सिर पर डंडे से हमला किया गया था।-आईषी घोष, वामपंथी छात्र संगठन की कार्यकर्ता व अध्यक्ष जेएनयू छात्रसंघ।

एबीवीपी ने फोटो प्रदर्शनी में दिखाया दर्द:
कैंपस हिंसा का एक वर्ष पूरे होने की पूर्व संध्या पर एबीवीपी ने फोटो प्रदर्शनी लगाई। इसमें हिंसा से जुड़े फोटो को दर्शाया गया। इसमें दर्शाया गया है कि नकाबपोश गुड़ों से एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने कैंपस के जंगलों, टायलेट, लोगों के घरों में छिपकर अपनी जान बचाई। उन्हें सरेआम जान से मारने की धमकी दी जाती। महिला कार्यकर्ता को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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