जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को बड़ी राहत दी है। कोरोना काल में जो छात्र हॉस्टल में नहीं रुके थे, उनकी मानसून सेमेस्टर (सितंबर से जनवरी तक) की फीस माफ कर दी गई है। इसके अलावा छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए पहली रोजगार नीति को भी मंजूरी दे दी है। इसमें अंतिम वर्ष के छात्रों को कैंपस से निकलने से पहले रोजगार से जोड़ने पर काम होगा।
जेएनयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल की शुक्रवार को कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में छात्रों को हॉस्टल फीस से राहत देने के अकादमिक काउंसिल का प्रस्ताव पास कर दिया गया। बैठक में स्कूल ऑफ कंप्यूटेशनल एंड इंटीग्रेटिव साइंसेज के पूर्व डीन और प्रोफेसर अनिर्बान चक्रवर्ती को रजिस्ट्रार पद की जिम्मेदारी दी गई है।
पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. प्रमोद कुमार के जाने के बाद से 17 मार्च से पद खाली था। नए रजिस्ट्रार की नियुक्ति होने तक प्रो. चक्रवर्ती रजिस्ट्रार के रूप में सेवाएं देंगे। कुछ हॉस्टल के भवनों के नाम बदलने की भी मंजूरी दी गई है।