नरेला औद्योगिक इलाके में राजीव रतन आवास योजना के तहत बने फ्लैट में युवक की हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने हत्या का आरोप में उसके जीजा को गिरफ्तार किया है।
आरोपी ने खुलासा किया है कि उसका साला उधार में दिए 29 हजार रुपये देने का दबाव बना रहा था और रुपये नहीं देने पर परिवार के सदस्यों के सामने उसे कई बार बेईज्जत कर चुका था। जिसका बदला लेने के लिए उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस आरोपी के कब्जे से कुल्हाड़ी बरामद कर लिया है। जिससे उसने साले की हत्या की थी।
जिला पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि आरोपी की पहचान नरेला निवासी पन्ना राम (57) के रूप में हुई है। वह नरेला के अनाज मंडी में काम करता था। एक अप्रैल को कंझावला निवासी करण कुमार नरेला में रहने वाले जीजा से मिलने की बात कहकर घर से निकला। उसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं चला। परिवार वालों ने जीजा पन्ना राम से पूछताछ की, जिसमें उसने बताया कि वह उसके घर नहीं आया। अगले दिन परिवार वाले उसकी तलाश कर रहे थे।
इसी दौरान करण का शव नरेला स्थित राजीव रतन आवास योजना के तहत बने एक फ्लैट में मिला। उसके शव को जलाने की कोशिश की गई थी। परिवार वालों ने करण की हत्या का आरोप उसके जीजा पर लगाया। शव मिलने के बाद से उसका जीजा फरार हो गया। जिले की स्पेशल स्टाफ के निरीक्षक राम स्वरूप मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शुक्रवार शाम आरोपी को बवाना इंडस्ट्रीयल एरिया से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी पन्ना राम ने बताया कि उसकी पत्नी मीना के देहांत के बाद से करण उसपर सारी जायदाद भांजे के नाम करने का दवाब दे रहा था। साथ ही उसने करण से 29 हजार रुपये उधार लिए थे। उसे भी वापस करने का दवाब दे रहा था। पैसे के लिए वह कई बार परिवार वालों के सामने बेईज्जत कर चुका था।
जिसके बाद उसने करण की हत्या करने की साजिश रची। उसने नरेला अनाज मंडी के पास स्थित एक लोहार से कुल्हाड़ी खरीदा। फिर एक बोतल शराब खरीदकर उसने करण को अपने पास बुलाया। शराब पीने के बाद जब उसे नशा हो गया तो उसने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी।