नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच मंगलवार से शुरू हो रहे नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। इस बात को ध्यान में रखते हुए झंडेवालान मंदिर प्रशासन ने सोमवार शाम से मंदिर को बंद करने का निर्णय लिया है। नवरात्र में झंडेवालान मंदिर में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता है। मंदिर प्रशासन को आशंका है कि अगर लोगों ने यहां कोरोना नियमों का उल्लंघन किया तो स्थिति को संभालना आसान नहीं होगा।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि अगले आदेश तक श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के द्वार बंद रहेंगे। इस दौरान सुबह-शाम नियमित रूप से मंदिर में देवी मां की आरती होगी, जिसका फेसबुक और यूट्यूब पर लाइव प्रसारण किया जाएगा। अचानक मंदिर बंद करने के इस फैसले के बाद मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से क्षमा प्रार्थना की है। साथ ही देवी मां से प्रार्थना की है कि वह दिल्ली और देश वासियों को सुरक्षा प्रदान करें।
कालकाजी मंदिर में ई-पास के जरिये होंगे दर्शन
नवरात्र के दौरान मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने के लिए कालकाजी मंदिर प्रशासन ने ई-पास की सुविधा उपलब्ध कराई है। कालकाजी मंदिर के पीठाधीश्वर महंत सुरेन्द्र नाथ अवधूत के मार्गदर्शन में कुछ समाजसेवी संस्थाएं ऐसा करने में मंदिर प्रशासन का सहयोग करेंगी। कोरोना महामारी के दौरान बीते शारदीय नवरात्र में कालकाजी मंदिर में जिस तरह से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी थी, उसको ध्यान में रखते हुए इस बार नवरात्र में पहले से ही मंदिर प्रशासन ने सतर्कता बरतने का प्रयास किया है। मंदिर जाकर दर्शन करने के लिए लोगों को अनिवार्य रूप से ई-पास बुक कराना पड़ेगा। ई-पास www.shikalkamandir.com/epass पर बुक किया जा सकता है। महंत सुरेन्द्र नाथ अवधूत ने बताया कि कोरोना के खतरे को ध्यान में रखते हुए सीमित संख्या में लोगों को मंदिर में दर्शन कराने का निर्णय लिया गया है। करीब दो घंटे में 200 लोगों को दर्शन कराए जाएंगे।