आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में विधायक जरनैल सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता जनकपुरी के उसी गड्ढे के पास पहुंचे थे, जहां कमल ध्यानी की गिरकर मौत हुई थी। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने मोमबत्ती तक जलाने नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जितनी तत्परता पुलिस ने नेताओं को रोकने में दिखाई, अगर उतनी ही युवक को बचाने में दिखाई होती तो आज कमल ध्यानी जिंदा होते।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हादसे की रात कमल ध्यानी का परिवार और दोस्त पूरी रात छह अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज कराने के लिए भटकते रहे, लेकिन किसी भी थाने ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले मोबाइल लोकेशन साझा की और फिर उसे डिलीट कर दिया। समय रहते कार्रवाई होती तो युवक की जान बच सकती थी। उन्होंने मांग की कि सरकार कमल ध्यानी को न्याय दिलाए और दिल्ली पुलिस कमिश्नर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।