पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की महिला एजेंट को गोपनीय सूचनाएं देने के आरोप में भारतीय वायुसेना के गिरफ्तार सार्जेंट (हवलदार) देवेंद्र कुमार शर्मा (32) मामले में नया खुलासा हुआ है।
जांच में पता चला है कि आईएसआई की एजेंट भारतीय सिम का इस्तेमाल कर रही थी। महिला सार्जेंट से व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर बात करती थी। इससे सार्जेंट के मोबाइल पर महिला का दूसरा नंबर शो होता था।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की जांच में ये बात भी सामने आई है कि वह सार्जेंट से बात करने के लिए अलग-अलग नंबरों को इस्तेमाल कर रही थी। दिल्ली पुलिस ने सार्जेंट के मोबाइल और लैपटॉप को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महिला एजेंट सार्जेंट को सिर्फ इंटरनेट कॉलिंग करती थी। महिला ने फेसबुक से सार्जेंट का नंबर लेकर व्हाट्सएप पर हेलो भेजा था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरू में सार्जेंट ने मैसेज पर कोई ध्यान नहीं दिया। उसने तकरीबन सात-आठ दिन तक महिला के मैसेज पर ध्यान नहीं दिया। करीब आठ दिन बाद उसने महिला के व्हाट्सएप मैसेज का जवाब दिया। इसके बाद दोनों की बातचीत शुरू हो गई, जल्द ही दोनों दोस्त बन गए। युवती ने अश्लील बातें की तो देवेंद्र ने भी उसकी तरह से जवाब दिया।
बाद में इन्हीं अश्लील मैसेज से महिला देवेंद्र को ब्लैकमेल करने लगी। अपराध शाखा की जांच में यह बात सामने आई है कि सार्जेंट की पत्नी के खाते में करीब दो लाख रुपये भेजे गए थे। पत्नी के खाते में यूपीआई के अलावा आरटीजीएस से भी कई बार पैसे ट्रांसफर किए गए थे। एक बार में चार से पांच हजार रुपये भेजे जाने की बात सामने आई है। सार्जेंट की पत्नी के एक ही खाते में पैसे ट्रांसफर किए जाते थे।
अपराध शाखा ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की महिला एजेंट को जासूसी करने के आरोप में भारतीय वायुसेना के सार्जेंट देवेंद्र कुमार शर्मा को धौलाकुआं स्थित सुब्रतो पार्क से गिरफ्तार किया था। आरोपी करीब 8 महीने से आईएसआई को गोपनीय सूचनाएं लीक कर रहा था। सार्जेंट को हनी ट्रैप में फंसाकर गोपनीय सूचनाएं हासिल की जा रही थीं। आरोपी देवेंद्र कुमार शर्मा दिल्ली स्थित सुब्रतो पार्क में भारतीय वायुसेना के रिकॉर्ड कार्यालय में प्रशासनिक सहायक (जीडी) के पर कार्यरत था।