फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज : कोविड से ठीक हुए मरीजों के लिए आसन हैं वरदान

Mon, 21 Jun 2021 04:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर के डॉ. चित्रा कटारिया का कहना है कि पोस्ट कोविड मरीजों को ताड़ासन, चक्रासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन व पवन मुक्त आसन करना चाहिए। 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोविड से ठीक हुए कई लोग सांस, कमजोरी, अनिंद्रा, अवसाद और घबराहट जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन रोगियों को स्वस्थ रहने के लिए डॉक्टर योग की सलाह दे रहें है। जिन मरीजों ने नियमित रूप से योग व आसन शुरू किया उनका स्वास्थ्य अब काफी बेहतर हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि कोविड से ठीक हुए मरीजों के लिए यह एक वरदान है। 

विज्ञापन


इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर के डॉ. चित्रा कटारिया का कहना है कि पोस्ट कोविड मरीजों को ताड़ासन, चक्रासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन व पवन मुक्त आसन करना चाहिए। इन आसनों से फेफड़ों की क्षमता तो बढ़ती है, साथ ही शरीर में ऑक्सीजनटेड ब्लड भी बढ़ता है। शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है। योग से संक्रमण से स्वस्थ हुए मरीजो को काफी लाभ भी मिल रहा है। उनकी स्थिति पहले के मुकाबले काफी बेहतर हो रही है। डॉ चित्रा के मुताबिक, इस समय कई अस्पतालों में पोस्ट कोविड के काफी मरीज आ रहे हैं। अगर यह रोगी अन्य उपचारों के साथ योग को भी जीवन शैली में शामिल करें तो इन समस्याओं से निजात मिल सकती है। 

जीटीबी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार बताते है कि योग शरीर को लचीला बनाता है। जो मरीज अस्थमा से पीड़ित हैं उन्हें चक्रासन पाचन करना चाहिए। उन्होंने क़हा कि इस समय काफी मरीज ब्लैक फंगस से भी पीड़ित हैं, जिसका एक प्रमुख कारण बढ़ा हुआ शुगर स्तर भी है। त्रिकोणासन करने से मधुमेह को काबू किया जा सकता है। कोविड से ठीक हुए मरीजों के लिए अनुलोम विलोम, भ्रामरी और योग निद्रा भी लाभदायक है। 
विज्ञापन


अवसाद को ठीक करता है भ्रामरी प्राणायाम 
डॉ. प्रमोद के मुताबिक, कोरोना से स्वस्थ हुए कई लोग अवसाद से जूझ रहे हैं। इन रोगियों को भ्रामरी प्राणायाम करने से काफी फायदा मिलेगा। इस प्राणायाम करने से दिमाग शांत होता है। इसे पांच से आठ मिनट तक करना चाहिए। 

गर्भावस्था में भी योग काफी महत्वपूर्ण
 दिल्ली के रोजवॉक अस्पताल की डॉ. लवलीना नादिर बताती है कि डॉक्टर की सलाह से गर्भवती महिलाओं को संबंधित योग व आसन का चुनाव करना चाहिए। कई आसन प्रसव पीड़ा को कम करने में सहायक होते हैं और समय से पहले प्रसव व सिजेरियन डिलीवरी की आशंका कम होती है। डॉ. लवलीना ने कहा कि गर्भावस्था के अलग-अलग समय में अलग-अलग आसन किए जाते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें