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यूपी: सांसदों के फर्जी लेटर पैड के जरिए कंफर्म कराते थे टिकट, आरोपियों के खुलासे पर रेलवे के अधिकारी हैरान

Fri, 25 Jun 2021 09:14 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मामले की जांच कर रहे उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीओएम अजित कुमार सिन्हा एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अभिषेक कुमार ने रेलवे एक्ट के अधिनियम 143 व 143 बी के अंतर्गत मामला दर्ज करवाया। 
 
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फाइल फोटो - फोटो : Social media
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विस्तार
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सांसद के फर्जी लेटर पैड पर रेलवे इमरजेंसी कोटे से वेटिंग सीटों को कन्फर्म कराने वाले दो जालसाज गिरफ्तार किए गए हैं। उनके पास से 13 नेताओं के फर्जी लेटर पैड बरामद किए गए हैं। मामला उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का है। 
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गत 17 जून को लखनऊ से मुंबई जाने वाली पुष्पक ट्रेन में सांसद (राज्यसभा) एनसीपी महाराष्ट्र देवीप्रसाद त्रिपाठी के लेटर पैड पर पुष्पक एक्सप्रेस के स्लीपर में टिकट कंफर्म कराने के लिए इमरजेंसी कोटा लगाया गया। लेटर पैड को डीआरएम दफ्तर में लगे ड्राप बाक्स में डाल दिया। 

जब रेलवे अफसरों ने लेटर पैड की जांच की तो उस पर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद यात्रियों से जांच टीम ने ट्रेन में संपर्क किया जहां बातचीत में यह बात सामने आई कि ठाकुरगंज निवासी आईआरसीटीसी एजेंट सैय्यद सलीम हुसैन से टिकट करवाया गया है। 
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उसे आरपीएफ की टीम ने पकड़ा। उसके पास से 51 टिकट और 32,800 रुपये बरामद किए गए हैं। मामले की जांच कर रहे उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीओएम अजित कुमार सिन्हा एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अभिषेक कुमार ने रेलवे एक्ट के अधिनियम 143 व 143 बी के अंतर्गत मामला दर्ज करवाया। 
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वहीं दूसरी तरफ पकड़े गए जालसाज पंकज सिंह कुशवाहा के पास सें 13 लेटरपैड बरामद किए गए, जो पांच अलग-अलग नेताओं के नाम पर थे। शातिरों ने बताया कि टिकट कंफर्म कराने में इस्तेमाल किए जाने वाले सभी लेटर पैड नकली हैं। लेटरपैड अपर यात्रियों की डिटेल अपनी बेटी से भरवाता था। खाली वीआईपी कोटे के खाली आवेदन पत्र भी मिले हैं।

फर्जी लेटर पैड का पुराना है कारोबार
दरअसल रेलवे के इमरजेंसी कोटे पर जालसाजों की हमेशा से नजर रही है। इसके पहले भी फर्जी लेटर हेड का मामला पकड़ा जा चुका है, जिसकी जांच सीबीई तक की टीम कर चुकी है। जबकि लॉक डाउन से पहले पूर्वोत्तर रेलवे के सेवानिवृत अधिकारी एमपी सिंह ने चेकिंग के दौरान बिहार के सांसदों के फर्जी लेटर पैड पर कोटा लगाने का मामला भी पकड़ा था। इस मामले की जांच के लिए आरपीएफ की टीम बिहार गई थी।
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