निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज मामले की जांच आयकर विभाग ने शुरू कर दी है। आयकर विभाग ने अपराध शाखा से कुछ कागजात मांगे थे। अपराध शाखा ने बैंक खातों व पैसों के लेनदेन का पूरा विवरण आयकर विभाग को सौंप दिया है। दिल्ली पुलिस व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अलावा आयकर विभाग तीसरी एजेंसी हो गई है, जिसने मरकज मामले की जांच करना शुरू कर दिया है। अब तक मौलाना साद व मरकज से जुड़े लोगों के 32 बैंक खाते सामने आ चुके हैं।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अपराध शाखा ने ही सीबीआई, ईडी व आयकर विभाग को सूचना दी थी। इस मामले में ईडी पहले ही मामला दर्ज करके जांच शुरू कर चुकी है। अधिकारी ने बताया कि मौलाना मोहम्मद साद व उससे जुड़े लोगों का यूपी में कुछ बैंक खातों का पता लगा है। इन बैंक खातों की संख्या 7 से 8 बताई जा रही है। यूपी में पता लगा कि इन बैंक खातों को भी सील कर दिया गया है।
अपराध शाखा की तफ्तीश में मरकज व उससे जुड़े लोगों के 32 बैंक खातों का पता लग चुका है। मरकज का मुख्य खाता लाल कुंआ (पुरानी दिल्ली) स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में है। इस बैंक खाते से मरकज का हर रोज का हिसाब होता था। इस खाते से रोज पैसे निकाले व जमा कराए जाते थे। जमाती चंदा आदि के रूप में जो पैसा मरकज को देते थे, वह इस बैंक खाते में जमा कराया जाता था।
जाकिर नगर से कागजात बरामद
दूसरी तरफ अपराध शाखा ने जामिया नगर के जाकिर नगर (वेस्ट) में मरकज प्रबंधन से जुड़े एक व्यक्ति के घर दबिश दी थी। इस व्यक्ति के घर से वित्तीय लेन-देन से संबंधित कुछ कागजात बरामद किए गए हैं। मौलाना साद के बेटे से पूछताछ के बाद जाकिर नगर में दबिश दी गई। बताया जा रहा है कि जाकिर नगर में रहने वाला ये व्यक्ति जमात के लिए आने-जाने वाले जमातियों की व्यवस्था करता था। इसके पास रेलवे का टिकट बुक कराने के लिए बाकायदा आईडी है। पुलिस ये पता कर रही है कि अभी ऐसे कितने जमाती है, जो छिपे हुए हैं।