आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि आयुष की शिक्षा, अभ्यास और दवा विकास क्षेत्रों में परिवर्तनकारी बदलाव चल रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में गठित भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग ने नई शिक्षा नीति के अनुसार आयुष शिक्षा को संरेखित किया है।
विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर शनिवार को केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) की ओर से होम्योपैथी-पीपुल्स च्वाइस फॉर वेलनेस विषय पर दो दिवसीय वैज्ञानिक सम्मेलन का आगाज हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय कैबिनेट आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दीप जलाकर किया। इस दौरान केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री डॉ. महेंद्रभाई मुंजपरा, आयुष सचिव राजेश कोटेचा व केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. सुभाष कौशिक भी मौजूद रहे। 10 अप्रैल को विश्व भर में होम्योपैथी दिवस मनाया जाता है।
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आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि आयुष की शिक्षा, अभ्यास और दवा विकास क्षेत्रों में परिवर्तनकारी बदलाव चल रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में गठित भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग ने नई शिक्षा नीति के अनुसार आयुष शिक्षा को संरेखित किया है और नई प्रतिभाओं को इस हद तक आकर्षित कर रहे हैं कि आयुष पहली पसंद बन गया है। चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए यह पहली पसंद भी बन सकता है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी दवाएं बड़ी संख्या में लोगों द्वारा आसानी से प्रशासित और स्वीकार्य हैं। होम्योपैथी की सार्वजनिक स्वीकृति लगातार बढ़ रही है और लोग पीढ़ियों से पारिवारिक चिकित्सकों से इलाज की मांग करते हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष को आगे बढ़ाने के लिए वर्ष 2014 से जो मजबूत कदम उठाए हैं, उसी का नतीजा है कि आज उनके मार्गदर्शन और प्रयासों के कारण आयुष देश विदेश में लोकप्रिय हो रहा है। डब्ल्यूएचओ ने विश्व का पहला पारंपरिक वैश्विक दवाई केंद्र गुजरात के जामनगर में स्थापित करने का निर्णय लिया है, जो हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है और यह एक अवसर है, जिसका हमें लाभ उठाना होगा।