दिल्ली के कंटेनमेंट जोन में तैनात अधिकारियों को अजब-गजब की गुजारिशें मिल रही हैं। किसी को मटन व चिकन बिरयानी चाहिए तो कोई गरमागरम समोसा, मिठाई, पिज्जा खाने की मांग कर रहा है।
अधिकारी पहले तो इंतजार करने का हवाला देकर शांत करने की कोशिश करते हैं। बाद में खाने की इन चीजों को जरूरी सेवाओं में नहीं आने का हवाला देकर इनकार कर दिया जाता है।
दरअसल, तीन या इससे ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज मिलने पर दिल्ली सरकार संबंधित इलाके को सील कर रही है। इसके बाद यहां न तो किसी को अंदर जाने की इजाजत है और न ही बाहर निकलने की। लोगों की आम जरूरतों की सप्लाई का जिम्मा अधिकारी उठाते हैं।
इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुप का सहारा लिया जा रहा है। अधिकारियों के इस ग्रुप में स्थानीय निवासी भी जुड़ रहे हैं। आम लोग इस ग्रुप में अपनी मांग भेजते हैं, जिसे उनके घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी मौके पर तैनात कर्मियों की होती है।
अलग-अलग जोन में तैनात अधिकारियों का कहना है कि लोगों की अजीब-अजीब से मांगें आ रही हैं। कुछ लोग पिज्जा, मिठाई व गरमागरम समोसा मांगते हैं तो कोई मटन व चिकन बिरयानी खाने की इच्छा जाहिर करता है।
इससे कई बार अधिकारियों का परेशानी भी होती है। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में तैनात अधिकारी का जिम्मा दूध, पानी, सब्जी, राशन सरीखी जरूरी सेवाओं की सप्लाई सुनिश्चित करना है।
उनकी पसंदीदा मांग नहीं पूरी की जा सकती है। ऐसे में जोन में तैनात सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह इस तरह की मांग को नजरअंदाज करें।