महिलाओं के खिलाफ अपराध में 17 प्रतिशत की कमी, 98 प्रतिशत मामलों को सुलझाकर दिल्ली पुलिस ने बनाया रिकॉर्ड
दिल्ली पुलिस कमिश्नरेट डे पर एलजी के सामने पुलिस कमिश्नर ने पेश किए आंकड़े
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस ने बुधवार को किंग्सवे कैंप स्थित परेड ग्राउंड में अपना कमिश्नरेट डे मनाया, जहां उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने परेड की सलामी ली और दिल्ली पुलिस को अधिक पेशेवर, संवेदनशील और तकनीक-संचालित बनने की नसीहत दी। इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने पिछले एक साल के पुलिसिया कामकाज के आंकड़े साझा किए।
यह आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में जघन्य अपराधों में 8 फीसदी और भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज मामलों में 12 फीसदी की कमी आई है। सीपी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की अपराध नियंत्रण रणनीतियों का बड़ा असर जमीन पर दिख रहा है। वाहन चोरी के मामलों में 21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे कम आंकड़ा है। इसके अलावा, अन्य चोरी की घटनाओं में 15 प्रतिशत और ऑपरेशन गैंग बस्ट व मकोका जैसी सख्त कार्रवाइयों के चलते जघन्य अपराधों में हथियारों के इस्तेमाल में 27 प्रतिशत की कमी आई है। ऑपरेशन विश्वास के तहत खोई हुई संपत्ति की बरामदगी ने जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।
महिला और बच्चों की सुरक्षा बढ़ी
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगभग 17 प्रतिशत की गिरावट आई है और इन मामलों को सुलझाने की दर 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो देश में सबसे अधिक है। 95 प्रतिशत मामलों में तय समयसीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल की जा रही है। उपराज्यपाल के निर्देश पर अब दिल्ली पुलिस जुलाई महीने को बाल सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाएगी। नशे के खिलाफ अभियान के तहत वैज्ञानिक विश्लेषण के जरिए 123 नशीले पदार्थों के हॉटस्पॉट की पहचान की गई है।
वीरता और सेवा को एलजी ने सम्मानित किया
समारोह में उन पुलिसकर्मियों को आहत वीर सम्मान पत्र से नवाजा गया, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान की बाजी लगा दी। दिवंगत कांस्टेबल विक्रम को मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया, जिन्होंने अक्तूबर 2025 में ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनके अलावा 10 अन्य घायल पुलिसकर्मियों और सराहनीय सेवाओं के लिए 27 कर्मियों को पदक प्रदान किए गए। ग्रेटर कैलाश को दिल्ली का सबसे स्वच्छ पुलिस स्टेशन घोषित किया गया, जबकि लक्ष्मी नगर दूसरे स्थान पर रहा। आवासीय कॉलोनियों में द्वारका सेक्टर-9 की पुलिस कॉलोनी को सर्वश्रेष्ठ माना गया। एलजी ने युवा अधिकारियों को जनता के साथ सीधा संवाद बढ़ाने और सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया।