फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीमापुरी में आईईडी मिलने का मामला: करीब 12 फुट गहरा गड्ढा खोदकर करवाया गया धमाका, दूर तक सुनाई दी धमाके की आवाज

Fri, 18 Feb 2022 01:27 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि दोपहर जब पुलिस टीम कमरे पर पहुंची थी तो वहां कमरे में जमीन पर बिछे कुछ बिस्तर और कपड़े मिले थे। इसके अलावा काले रंग के बैग में आईईडी रखा हुआ था। संदिग्धों ने इसे कहां के लिए प्लान किया था, इसका पता नहीं चला है। 
विज्ञापन
सीमापुर इलाके में तैनात पुलिस कर्मी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सीमापुरी के मकान से मिले आईईडी को एनएसजी की टीम ने बृहस्पतिवार रात जैसे ही निष्क्रिय किए लोगों ने राहत की सांस की। रात करीब 8.20 बजे जेसीबी की मदद से एक गहरा गड्ढा खोदा किया। इसके बाद बम को उसमें रखकर विस्फोट कर निष्क्रिय कर दिया गया। एक तेज और दूसरे हल्के धमाके की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनी गई। 

विज्ञापन


इस दौरान मौके पर एफएसएल की टीम भी मौजूद रही। विस्फोट करने के बाद एफएसएल की टीम ने मौके से विस्फोटक के सैंपल लिए। सूत्रों का कहना है कि गाजीपुर में मिले आईईडी को आरडीएक्स व अमोनियम नाइट्रेट की मदद से तैयार किया गया था। इस बम में भी इन विस्फोक मिलने की संभावना है। देर रात तक पूरे इलाके में बैरिकेडिंग लगी रही। जे एंड के ब्लॉक के आसपास रास्ते को लगभग पूरी तरह बंद कर दिया गया।

दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि दोपहर जब पुलिस टीम कमरे पर पहुंची थी तो वहां कमरे में जमीन पर बिछे कुछ बिस्तर और कपड़े मिले थे। इसके अलावा काले रंग के बैग में आईईडी रखा हुआ था। संदिग्धों ने इसे कहां के लिए प्लान किया था, इसका पता नहीं चला है। 
विज्ञापन


एनएसजी की टीम ने एक रस्सी में बांधकर उसे बिल्डिंग से नीचे लटकाया। इसके बाद बेहद सावधानी से उसे डिफ्यूजिंग मशीन में रखकर जे एंड के ब्लॉक के डीडीए पार्क में लाया गया। यहां आसपास लोगों को हटाकर जेसीबी की मदद से करीब 12 फुट गहरा गड्ढा खोदा गया। इसके बाद उस गड्ढे में ही विस्फोट कराकर बम को निष्क्रिय कर दिया गया। बम निष्क्रिय करने के बाद स्पेशल सेल की टीम लोकल पुलिस की मदद से पूरे एरिया के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जुटाने में लगी रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन संदिग्धों की फोटो तो पुलिस को मिल गई हैं, लेकिन यह किन-किन लोगों से मिलते और कौन-कौन इनसे मिलता था। उसकी पड़ताल की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें