फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पति ने कर दी पत्नी और दो सालों की गोली मारकर हत्या

विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम दिल्ली का सुभाष प्लेस इलाका रविवार देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। एक शख्स ने अपनी पत्नी, दो सालों और साले की पत्नी पर गोलियां बरसा दीं। हमले में आरोपी हितेंद्र की पत्नी सीमा (39) और दो सालों सुरेंद्र (36) और विजय (33) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विजय की पत्नी बबीता (33) बुरी तरह जख्मी हो गई। अस्पताल में बबीता का इलाज चल रहा है।
विज्ञापन

मोहल्ले वालों ने गोलियां चलने की आवाज सुनी तो पुलिस को खबर दी। फौरन पुलिस वहां पहुंच गई। आरोपी हितेंद्र को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद कर ली है। दरअसल, हितेंद्र की पत्नी झगड़ा होने पर अपने मायके वालों को घर बुला लिया करती थी। इससे हितेंद्र खफा रहता था। रविवार को हुई वारदात को उसी का नतीजा माना जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, हितेंद्र परिवार के साथ शकूरपुर गांव में चार मंजिला मकान की चौथी मंजिल पर रहता है। परिवार में पत्नी सीमा यादव थी। इसके अलावा दो बेटे प्रथम यादव (19) और जय यादव (16) हैं। हितेंद्र ने मकान की बाकी मंजिलों और ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद दुकानों को किराये पर दिया हुआ है। इससे परिवार को लाखों रुपये की आय होती है। इसी से परिवार का खर्च चलता है। परिजनों ने बताया कि हितेंद्र को शराब पीने की लत है। इसी वजह से अक्सर उसका पत्नी से छोटी-मोटी बातों पर झगड़ा होता रहता था।
विज्ञापन

नशे में धुत होकर घर पहुंचा था
रविवार रात को हितेंद्र नशे में धुत होकर घर पहुंचा। हितेंद्र ने खाने के बारे में पूछा तो पत्नी सीमा ने दाल बने होने की बात बताई। इसी बात पर हितेंद्र भड़क गया और गाली देने लगा। सीमा ने भी छत पर जाकर अपने भाइयों को फोन कर दिया। कुछ ही देर बाद हितेंद्र के साले सुुुुुुरेंद्र, विजय और विजय की पत्नी बबीता व सीमा की मां चंद्रकला पहुंच गए। परिवार अभी हितेंद्र से बातचीत कर ही रहा था कि अचानक वह तैश में आ गया और कमरे से लाइसेंसी रिवॉल्वर निकाल लाया। आते ही उसने पत्नी व उसके घर वालों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। उधर, क्राइम टीम और एफएसएल की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
हितेंद्र का पत्नी से अक्सर झगड़ा होता था। पत्नी अपने मायके वालों को शिकायत कर देती थी। इस बात से हितेंद्र नाराज रहता था। रविवार रात ससुराल वालों के आने के बाद उसका गुस्सा फूट पड़ा और उसने सभी को गोली मार दी।
-उषा रंगनानी, पुलिस उपायुक्त, उत्तर पश्चिम जिला
घरेलू विवाद में बाहरी लोगों की दखलंदाजी बना हत्या का कारण
नई दिल्ली। घरेलू विवाद में बाहरी लोगों की दखलंदाजी ही तीन लोगों की हत्या का कारण बनी। झगड़ा होने के बाद पत्नी सीमा के मायके वालों को घर बुलाना आरोपी पति हितेंद्र को पसंद नहीं था। रविवार देर रात जब झगड़ा हो रहा था तो उस समय हितेंद्र का एक दोस्त ललित भी वहां मौजूद था। बातचीत के दौरान दोस्त ललित ने कुछ कहने की कोशिश की, लेकिन हितेंद्र के सालों सुरेंद्र और विजय ने इसका विरोध किया और घरेलू विवाद में बाहरी लोगों के हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। यह बात सुनते ही हितेंद्र और उसके दो बेटों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और फिर उनके बीच हाथापाई हो गई। पुलिस के सामने हितेंद्र की सास चंद्रकला ने पूरी वारदात के बारे में बताया। उसने बताया कि वह अपने दो बेटों विजय और सुरेंद्र और उनके परिवार के साथ विनोदपुरी, पालम रोड डाबड़ी में रहती हैं। उसकी बेटी सीमा की शादी 2001 को शकूरपुर निवासी हितेंद्र यादव से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही हितेंद्र सीमा के साथ मारपीट करता था। सीमा उन लोगों से आए दिन होने वाले झगड़े की शिकायत करती थी। रविवार को भी दोनों में झगड़ा हुआ था। हितेंद्र ने सीमा को बुरी तरह पीटा था। सीमा के फोन करने पर उन्हें समझाने के लिए चंद्रकला अपने बेटों विजय, सुरेंद्र, विजय की पत्नी बबीता और बबीता के भाई चंद्रभान के साथ सीमा के घर पहुंची थी। समझाने के दौरान गरमा-गरमी होने लगी। इसी दौरान हितेंद्र का दोस्त ललित भी आ गया। विजय ने बाहरी लोगों के घरेलू झगड़े में हस्तक्षेप नहीं करने की बात कही। इसी बात पर हितेंद्र और उसके दोनों बेटों प्रथम और जय ने विजय का विरोध किया। सीमा ने बेटे जय को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद उनके बीच हाथापाई हो गई। चंद्रकला, सीमा और बबीता बीचबचाव करने लगी। इसी बीच हितेंद्र कमरे से रिवॉल्वर निकालकर लाया और सीमा, बबीता, सुरेंद्र व विजय को गोली मार दी।
माहौल देखकर पुलिस को लगा लूटपाट हुई
शकरपुर यादव मार्केट की चार मंजिला इमारत में गोलीबारी की सूचना मिलते पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इमारत के नीचे सास चंद्रकला और हितेंद्र की मां कृष्णा बिलख रही थीं। पुलिस के आने के बाद वह कुछ नहीं बोलीं। पुलिस को लगा कि लूटपाट के दौरान बदमाशों ने गोली चलाई है। पुलिस टीम अपनी सर्विस पिस्टल को निकालकर चौथी मंजिल पर पहुंचे। कमरे के पास पहुंचते ही पुलिस सन्न रह गई। वहां घायलों की चीख पुकार मची थी, जबकि दूसरे कमरे में बंद परिवार के अन्य लोग चिल्ला रहे थे। पुलिस ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया और कमरे में बंद लोगों को बाहर निकाला। जिस कमरे में गोली चली थी, वहीं आरोपी हितेंद्र बैठा हुआ था। पुलिस ने उसके हाथ से पिस्टल ले ली और गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद पुलिस की दूसरी टीम ने चंद्रकला से पूछताछ की। जिसने पूरी घटना को बयां किया। उसने बताया कि हितेंद्र के बड़े बेटे ने हाल में ही एमबीबीएस में दाखिला लिया है, जबकि छोटा बेटा 11वीं कक्षा का छात्र है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें