वारदात ऐसी, जिसमें हैवानियत भी है और हैरान कर देने वाली दया भी। झाड़ी में ले जाकर चाकू से गोदकर लहूलुहान करने के बाद आरोपियों ने 42 वर्षीय आशा राम की पैंट की जेब से नकदी और मोबाइल छीन लिया। खून से लथपथ आशाराम ने जब पानी मांगा तो आरोपियों ने पानी पिलाया और उसे सड़क पर छोड़ गए ताकि किसी की नजर पड़ जाए और उपचार मिल जाए। साथ ही पीड़ित के रिश्तेदारों को फोन भी किया।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डा. हेमंत तिवारी ने एक्स कर इस वारदात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सनलाइट कॉलोनी की सराय कालेखां पुलिस चौकी ने लूटपाट की इस वारदात को 12 घंटे में सुलझाते हुए तीनों आरोपियों महिला मुस्कान(19), उसका भाई जुबैर (18) और पति आलम उर्फ राज (26) को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से पीड़ित के दो मोबाइल, लूटी रकम में 9200 रुपये बरामद कर लिए गए हैं। आरोपी आलम उर्फ राज ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसने मुस्कान से परिजनों के सामने तो शादी कर ली थी, मगर वह समाज को दिखाने के लिए धूमधाम से शादी करना चाहता था, इसके लिए उसे पैसे की जरूरत थी। इसके लिए लूटपाट कर पैसे कमाने की साजिश रची।
मुस्कान को रोड पर खड़ा कर दिया
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार 16 जनवरी को आलम ने पत्नी को रात 12.30 बजे रिंग रोड पर एलएमटी के पास खड़ा कर दिया। मूलरूप से गांव परतापुर जिला कासगंज यूपी निवासी व आली गांव, सरिता विहार दिल्ली में रह रहे आशा राम उसकी सहायता के लिए रुके। तभी महिला का पति और भाई उसे खींचकर झाड़ियों में ले गए। यहां दो मोबाइल फोन, पांच हजार रुपये लूट लिए। एक परिचित से पांच हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित ने लूटपाट का विरोध किया तो जुबैर ने उसे तीन से चार बार चाकू से वार किया।
ऑनलाइन मंगाया था चाकू
सनलाइट कॉलोनी थाने के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में जुबैर ने बताया कि चाकू ऑनलाइन मंगाया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चाकू बरामद कर लिया गया है। ऑनलाइन चाकू मंगाना पुलिस के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
दया ने बचाई आशाराम की जान
आरोपियों को लगा कि आशाराम को ऐसी हालत में झाड़ियों में छोड़ा तो वह मर जाएगा। तीनों उसे सड़क तक लाए और छोड़कर भाग गए। इस बीच उधर से गुजरे एक राहगीर ने पीड़ित को लहूलुहान हालत में देखकर पुलिस ने फोन किया। पुलिस ने पीड़ित को एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया।
ऐसे पकड़े गए तीनों
आरोपियों ने आशाराम को लहूलुहान करने के बाद जब उसके परिचित को फोन किया तो उनके नंबर के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। साथ ही यूपीआई पेमेंट के जरिये बैंक डीटेल ने आरोपियों का सिजरा पुलिस के सामने रख दिया।