युवाओं के बीच ऑनलाइन गेमिंग की लोकप्रियता बढ़ रही है। क्या ये मनोरंजन नुकसानदायक भी हो सकता है, इसको लेकर ऑनलाइन गेमिंग मंच लकी राजा के एमएस सुगंती का मानना है कि यह सवाल हर उम्र के गेमर के लिए बेहद जरूरी है।
इसका जवाब ‘रेस्पॉन्सिबल गेमिंग’ है। यह आर्टिकल इसी कॉन्सेप्ट पर बात करता है और बताता है कि एक जिम्मेदार ऑनलाइन गेमर कैसे बना जा सकता है।
ऑनलाइन गेमिंग क्या है?
ऑनलाइन गेमिंग विभिन्न प्रकार के डिजिटल वेब आधारित खेलों से युक्त एक समूह है:
·ई-स्पोर्ट्स
·ऑनलाइन कैसीनो
·ऑनलाइन पोकर
·लॉटरी
·विभिन्न कार्ड गेम्स
इस उद्योग में ऑनलाइन पोकर, स्लॉट्स और अन्य डिजिटल कैसीनो गेम्स की तुलना में ई-स्पोर्ट्स, फैंटसी स्पोर्ट्स बिल्कुल नए हैं। इसके विकास के साथ, वर्चुअल वास्तविकता, संवर्धित वास्तविकता आदि ऑनलाइन गेमिंग के अनुभव पहले से कहीं बेहतर और अद्भुत बनाते हैं।
हालांकि, एक चीज जो ऑनलाइन गेमिंग को अलग करती है, वह है जीतने के लिए आवश्यक कौशल। ऑनलाइन गेमिंग में आप क्या हासिल कर सकते हैं और क्या हासिल नहीं कर सकते हैं?
ऑनलाइन गेमिंग के अपने अलग फायदे हैं। हम भले ही इन्हें नजरअंदाज कर दें लेकिन ये फायदे वाकई में वास्तविक होते हैं।
·दिमाग को उलझाए और जगाए रखता है- किसी भी खेल का एक राउंड हमारे मस्तिष्क की अच्छी एक्सरसाइज करवा देता है। इसके साथ ही गेमिंग हमारी विश्लेषणात्मक क्षमता, एकाग्रता और अन्य विशेष कौशल का एक अच्छा स्त्रोत है।
·सोशल कनेक्शन- ऑनलाइन गेमिंग हमें लोगों से जोड़ती है। लाइफ स्किल्स सीखना- ऑनलाइन गेम युवाओं को खेल का एक चुनौतीपूर्ण अनुभव देते हैं, जहां उन्हें समय प्रबंधन, संचार, धन प्रबंधन, ग्रुप में काम करना, समझौता आदि के बारे में सीखने को मिलता है।
·तनाव से मुक्ति- ऑनलाइन गेमिंग तनाव को दूर करने का एक बहुत ही अच्छा तरीका है। यही ख़ासियत इसकी लोकप्रियता को बढ़ावा देती है।यदि हम ‘रेस्पॉन्सिबल गेमिंग’ का अभ्यास करते हैं तो इसके नुकसानों को पूरी तरह से अनदेखा किया जा सकता है।