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ऑक्सीजन की कमी पर अस्पतालों ने भेजे आपात संदेश, संजय गांधी में प्लांट शुरू

Wed, 05 May 2021 05:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली 

सार

  • रामा, और ट्राईटन अस्पताल में हो गई थी ऑक्सीजन की कमी, समय रहते सरकार से मिली मदद 
  • संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में शुरू हुआ ऑक्सीजन प्लांट
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oxygen cylinder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी के अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत लगातार बनी हुई है। अस्पतालों को मरीजों की जान बचाने के लिए आपात संदेश भेजने पड़े रहे हैं। मंगलवार को दिल्ली के सामा और ट्राईटन अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने लगी थी। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने मदद की गुहार लगाई। समय पर मिली सहायता से कई मरीजों की जान बचाई जा सकी। 

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 दक्षिणी दिल्ली के सामा अस्पताल में मंगलवार दोपहर को ऑक्सीजन की आपूर्ति खत्म होने के कगार पर पहुंच गई थी। अस्पताल ने दोपहर करीब 4 बजे प्रशासन को  एक आपात संदेश भेजा,जिसमें कहा गया कि अस्पताल में भर्ती  मरीजों की जान खतरे में हैं, और उनके पास सिर्फ एक घण्टे की ऑक्सीजन बची है। मामले की गम्भीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार ने  4 बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर अस्पताल भिजवाए ।

इससे पहले अस्पताल ने मरीजों के परिजनों से यह लिखवाया था कि ऑक्सीजन की कमी से किसी मरीज की तबीयत बिगड़ती है या उनकी मौत होती है तो वे अस्पताल को जिम्मेदार नहीं ठहराएंगे।  सामा अस्पताल की डॉक्टर अनुषा गुडुमुला ने बताया कि अस्पताल में 30 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर भर्ती हैं। ऑक्सीजन की कमी की वजह से जिन मरीजों को तीन लीटर ऑक्सीजन की जरूरत है तो उन्हें दो लीटर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से लगातार ऑक्सीजन कम आ रही है।
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ट्राईटन अस्पताल में भी खत्म होने लगी थी ऑक्सीजन
 ट्राइटन अस्पताल में मंगलवार सुबह ऑक्सीजन बिल्कुल खत्म होने के कगार पर पहुंच गई। अस्पताल में 10 छोटे बच्चे आईसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट पर भर्ती थे। मंगलवार सुबह 9 बजे अस्पताल ने आपात संदेश भेजते हुए कहा कि उनके यहां कई बच्चों की जान खतरे में हैं,और  सिर्फ एक ऑक्सीजन सिलिंडर बचा हुआ है। आपात संदेश मिलने के बाद दिल्ली सरकार ने अस्पताल को 11 बजे कुल 4 बड़े आकार के ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचवा दिए। इससे मरीजों की जान बचाई जा सकी। 

शुरू हुआ ऑक्सीजन प्लांट
बाहरी दिल्ली के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो गया है। प्लांट को फ्रांस से मंगवाया गया है। इससे प्रतिदिन 80-100 बड़े सिलिंडर भरे जाएंगे। अस्पताल में 118 कोविड बिस्तरों पर कोरोना के मरीज भर्ती है। मंगलवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अस्पताल का दौरा कर मरीजों का हाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों को रोगियों को बेहतर सुविधा मुहैया करवाने के  निर्देश भी दिए।

मनीष सिसोदिया ने कहा, डॉक्टर और सभी स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान की परवाह किए बगैर दिन-रात मरीजों की सेवा कर रहे है, हमें उन पर  गर्व है। हम उनके जज्बे को सलाम करते हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार युद्धस्तर पर काम कर रही है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि हमें कोरोना से साथ मिलकर लड़ना है। उन्होंने लोगों लॉकडाउन के नियमों का पालन करने की अपील की।

मनीष सिसोदिया ने संजय गांधी अस्पताल के बाद खेलगांव के कोविड केयर सेंटर का दौरा कर वहाँ की स्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऑक्सीजन की कम आपूर्ति के हालात को देखते हुए इस केंद्र में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। यहां 500 बेड की व्यवस्था है, लेकिन ऑक्सीजन की कमी के कारण यहां बेड खाली है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जैसे ही ऑक्सीजन की आपूर्ति नियमित हो जाएगी। इस केंद्र को पूरी क्षमता के साथ चलाया जाएगा।

रामलीला मैदान का भी किया दौरा
मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ रामलीला मैदान में बन रहे 500 बेड के आईसीयू केंद्र का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में आईसीयू कोविड सेंटर बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। अगले एक सप्ताह के भीतर इस सेंटर की शुरुआत की जा सकती है। 

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एम्स और आरएमएल अस्पताल में ऑक्सीजन संयंत्र लगा

राजधानी में डीआरडीओ द्वारा एम्स , आरएमएल, सफदरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, एम्स( झज्जर) में  ऑक्सीजन संयंत्र लगाए जाएंगे। इनमें से दो संयंत्र  दिल्ली पहुंच गए है।यहां  एम्स और आरएमएल अस्पताल में यंत्र लगाने का जारी है।  अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि बुधवार से इनमें ऑक्सीजन बनना शुरू हो जाएगी।

 अधिकारियों के मुताबिक,  इन मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्रों का डिजाइन प्रति मिनट एक हजार लीटर लिक्विड ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए तैयार किया गया है। यह प्रतिदिन 195 सिलिंडर भरेगा। 
 कोविड के मामलों में उछाल और ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए देश में 500 मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्र लगाने के लिए  पीएम केयर्स फंड से राशि आवंटित की गई है। इन संयंत्रों को तीन माह में लगाए जाने की योजना है।

केन्द्र सरकार के अस्पतालों में कोविड-19 के गंभीर रोगियों के लिए ऑक्सीजन की पर्याप्त और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने केन्द्र सरकार के अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता की समीक्षा के लिए 23 अप्रैल को उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। इसमें यह निर्णय लिया गया था।
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