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दोनों करना चाहते हैं शादी: परिजनों के डर से दिल्ली पहुंचे समलैंगिक जोड़े, हाईकोर्ट का आदेश- आवास और सुरक्षा प्रदान करे पुलिस 

Fri, 23 Jul 2021 10:39 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि समलैंगिक युगल को किंग्सवे कैंप में दो कमरे, एक शौचालय और रसोई वाला 60 वर्ग गज का सुरक्षित स्थान प्रदान करें। इतना ही नहीं अदालत ने दोनों याचिकाकर्ताओं के परिवार के सदस्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हाईकोर्ट ने परिजनों के डर से पंजाब से दिल्ली आए समलैंगिक जोड़े को सुरक्षा और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने का आदेश दिल्ली पुलिस को दिया है। याची ने हाईकोर्ट में कहा कि वे शादी करना चाहते हैं। उनके परिजन इसका विरोध कर रहे हैं और उनकी जान को खतरा है।

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न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने दिल्ली पुलिस से समलैंगिक युगल को सुरक्षा व सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने मयूर विहार फेज-वन के एसएचओ को निर्देश दिया कि गैर सरकारी संगठन धनक ऑफ ह्यूमेनिटी के कार्यालय में रह रहे युगल को किंग्सवे कैंप स्थित सेवा कुटीर परिसर में सुरक्षित घर में शिफ्ट करे। 

अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि समलैंगिक युगल को किंग्सवे कैंप में दो कमरे, एक शौचालय और रसोई वाला 60 वर्ग गज का सुरक्षित स्थान प्रदान करें। इतना ही नहीं अदालत ने दोनों याचिकाकर्ताओं के परिवार के सदस्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने मामले की सुनवाई 2 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है।
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याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल आपस में शादी करना चाहते हैं, लेकिन उनके परिवार को यह स्वीकार नहीं होने के कारण उन्हें धमकियां मिल रही हैं। याचिका के अनुसार एक याचिकाकर्ता मोगा और दूसरा लुधियाना स्थित मलौध का रहने वाला है। जिटोवाल काला स्थित एक धागा मिल में अगस्त-2020 में दोनों काम करते थे और धागा मिल के होस्टल में रहते थे। काम करने के दौरान दोनों पहले अच्छे दोस्त बने। 

इस बीच दोनों फिर एक-दूसरे से प्यार करने लगे और साथ रहने का फैसला कर लिया। पारिवारिक सदस्यों के आपत्ति करने पर भाग कर दिल्ली आ गए। याची के अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष सुप्रीम कोर्ट द्वारा गैर सरकारी संगठन शक्ति वाहिनी की याचिका पर वर्ष 2018 में ऑनर किलिंग के खिलाफ दायर याचिका पर दूसरे धर्म या अंतरजातीय विवाह करने वाले युगल की सुरक्षा के लिए दिए गए फैसले का हवाला दिया। उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही राज्य सरकारों को इन्हें सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने पर विचार करने को कहा था।

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