नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार द्वारा पलवल स्थित सेठ एयर ऑक्सीजन प्लांट को अपने नियंत्रण में लेने संबंधी अदालत के आदेश से हरियाणा की ऑक्सीजन आपूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उक्त प्लांट से दिल्ली के अलावा अन्य पड़ोसी राज्यों को भी ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है। अदालत ने हाल ही में सेठ एयर प्लांट में कथित गड़बड़ी के आरोप पर दिल्ली सरकार को उक्त प्लांट को नियंत्रण में लेने का निर्देश दिया था।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ ने यह निर्देश गुरुग्राम स्थित एक अस्पताल द्वारा दायर आवेदन का निपटारा करते हुए दिया। आवेदन में उच्च न्यायालय से 27 अप्रैल के उस आदेश को स्पष्ट करने का अनुरोध किया था, जिसमें दिल्ली सरकार को पलवल स्थित ‘सेठ एयर’ का नियंत्रण अपने हाथों में लेने का आदेश दिया गया था।
अदालत ने कहा कि हम यह स्पष्ट करते हैं कि दिल्ली सरकार के अधिकारियों द्वारा सेठ एयर का नियंत्रण अपने हाथों में लिए जाने के निर्देश का हरियाणा को होने वाली आपूर्ति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
गुरुग्राम के एक अस्पताल के वकील ने कहा कि उन्होंने हरियाणा में स्थित अस्पताल को आवंटन के आधार पर सेठ एयर से होने वाली आपूर्ति के संबंध में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी लेकिन उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी बात रखने को कहा गया है।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि इस रिफिलर प्लांट से हरियाणा और दिल्ली के लिए क्रमश: 21 और 38.5 मीट्रिक टन तरल चिकित्सा ऑक्सीजन का आवंटन किया जाता है। ऑक्सीजन संकट सहित दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति की निगरानी कर रही पीठ ने 27 अप्रैल को दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वह यहां अस्पतालों को गैस की आपूर्ति नहीं करने और संभवत: उसे ब्लैक मार्केट में बेचने के लिए ऑक्सीजन रिफिलर सेठ एयर के प्लांट को अपने कब्जे में ले ले।
प्लांट प्रबंधक ने दावा किया था कि वह कई अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर सप्लाई करने के लिए तैयार हैं। वहीं संस्थानों का कहना था कि उन्होंने किसी और आपूर्तिकर्ता से इसकी व्यवस्था की है। वहीं दिल्ली सरकार उन्हें उन अस्पतालों का ब्योरा नहीं भेज रही है, जहां उन्हें सप्लाई करनी है।