नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में गिरफ्तार पिंजरा तोड़ संगठन की सदस्य देवांगना कलीता की जमानत याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा है। कलीता ने निचली अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज करने के फैसले को चुनौती है। इस मामले में पीठ अगली सुनवाई 14 अगस्त को करेगी।
न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने जेएनयू की छात्रा देवांगना कलीता की ओर से दायर याचिका पर संज्ञान लेते हुए पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। कलीता और पिंजरा तोड़ समूह की एक अन्य सदस्य नताशा नरवाल को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस मामले में मई में गिरफ्तार किया था।
इन दोनों के खिलाफ दंगा फैलाने, गैरकानूनी तरीके से एकत्रित होने तथा हत्या के प्रयास समेत आईपीसी की अन्य धाराओं में मामले दर्ज किए थे। सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े एक अन्य मामले में भी इन दोनों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) में मामला दर्ज है। वर्तमान में कलीता के खिलाफ कुल चार मामले दर्ज हैं और उन्हें केवल दो मामलों में जमानत मिल गई है।