नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने बिल्डिंग एंड अन्य कन्स्ट्रक्शन वकर्स (बीओसीडब्ल्यू) अधिनियम के तहत प्रगति मैदान पुनर्विकास योजना एवं सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना में काम करने वाले सभी मजदूरों का पंजीकरण करने के मामले में इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (आइटीपीओ) व केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) से जवाब तलब किया है।
न्यायमूर्ति मनमोहन एवं न्यायमूर्ति आशा मेनन की पीठ ने दिल्ली सरकार के सचिव (श्रम) को 13 अप्रैल को इस बाबत अपने कार्यालय में एक बैठक करने का निर्देश दिया है। पीठ ने कहा कि बैठक में याचिकाकर्ता के प्रतिनिधि को भी बुलाया जाए। पीठ ने बैठक में दिल्ली राज्य विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव से भी बैठक में हिस्सा लेने का अनुरोध किया है।
अदालत ने मामले की सुनवाई 10 मई तक स्थगित करते हुए उन्हें इस बैठक की मिनट्स को 30 अप्रैल से पहले अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता सुनील कुमार अलेदिया ने अदालत से उक्त प्रोजेक्ट पर काम कर रहे सभी मजदूरों का पंजीकरण कराने का निर्देश देने की मांग की है। याचिका में प्रगति मैदान और सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में काम करने वाले सभी ठेकेदारों, उप-ठेकेदारों को तत्काल इस आदेश का अनुपालन करने के संबंध में निर्देश देने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में जबकि इन दोनों प्रोजेक्ट में बड़े पैमाने मजदूरों को काम दिया गया है तो फिर बीओसीडब्ल्यू अधिनियम के तहत उन्हें मिलने वाले लाभ दिलाना भी सुनिश्चित कराया जाए।