नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव राजनीतिक पार्टियां नहीं बल्कि मात्र धार्मिक पार्टियां ही लड़ने के लिए अधिकृत हैं। अदालत ने गुरुद्वारा निदेशक को तय नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
अदालत के इस निर्देश से अकाली दल बादल को गहरा झटका लगा है क्योंकि पंजाब में अकाली दल बतौर राजनीतिक दल के रूप में चुनाव लड़ती है। वहीं अदालत ने दिल्ली अकाली दल को राहत प्रदान करते हुए उसे लिखित में देने को कहा है कि वह धार्मिक पार्टी है।
न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ ने अकाली दल बादल के उस तर्क को खारिज दिया जिसमें उस रूल को चुनौती दी थी जिसमें वर्ष 2007 में संशोधन किया गया था कि कमेटी चुनावों में मात्र धार्मिक पार्टियां ही चुनाव लड़ सकती है। उन्होंने कहा कि संशोधन ठीक नहीं है। अदालत ने कहा कि रूल को चुनौती देने का कोई आधार नहीं है।
अदालत ने अकाली दल बादल की याचिका पर गुरुद्वारा चुनाव मंत्री राजेंद्र पाल गौतम द्वारा जारी आफिस आर्डर पर रोक लगा दी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि वे इस तरह चुनावों में हस्तक्षेप कर रहे हैं।
हालांकि दिल्ली सरकार ने तर्क रखा कि उनके द्वारा जारी पत्र में चुनावों के लिए मात्र एडवाइजरी जारी की गई है। अदालत ने कहा कि जो भी एडवाइजारी जारी करनी है वह चुनाव करवाने के लिए अधिकृत गुरुद्वारा निदेशक ही जारी करेंगे।
इस मामले में गुरविंद्र सिंह सैनी के अधिवक्ता एचएस फुलका ने अकाली दल बादल की मान्यता रद्द करने के लिए तर्क रखा कि संशोधन 2007 में किए गए थे। इसके बावजूद अकाली दल बादल को वर्ष 2012 व 2017 में चुनाव लड़ने की इजाजत नियमों का उल्लंघन करने पर दी गई थी। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल ने सरकार को पत्र लिखकर तय नियमों के अनुसार चुनाव करवाने की मांग की थी।
वहीं न्यायमूर्ति प्रतीक जालान के समक्ष सुनवाई के दौरान उन्होंने भी रूल को खारिज करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याची अकाली दल दिल्ली को निर्देश दिया कि वे शपथपत्र सहित गुरुद्वारा निदेशक के समक्ष आवेदन करेंगे कि उनकी पार्टी राजनीतिक नहीं बल्कि धार्मिक पार्टी है। अदालत ने गुरुद्वारा निदेशक को दो से तीन दिन में उक्त आवेदन पर अपना निर्णय लेने को कहा है।
अकाली दल दिल्ली के उपाध्यक्ष हरविन्द्र सिंह सरना ने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही धार्मिक पार्टी है ऐसे में वे लिखित में गुरुद्वारा निदेशक को जल्द दे देंगे।