उन्होंने कहा कि उपलब्ध स्लॉट की संख्या पहले ही स्कूलों में टीकाकरण स्थलों पर 150 से बढ़ाकर 200 प्रति दिन की जा चुकी है और कोविन एप के अनुसार 7-10 जून की अवधि के बीच 49,206 लाभार्थियों को सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर कोवाक्सिन की दूसरी खुराक का टीका लगाया जा चुका है।
कोवाक्सिन की दूसरी डोज की टीका लगाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं। उनका आरोप था कि पहली डोज लगाने का समय लगभग पूरा होने के बावजूद वे दूसरी डोज लगवाने के संबंध में बुकिंग नहीं करा पा रहे हैं। कई अन्य याचिकाकर्ताओं ने भी कहा था कि उन्हें दूसरी डोज नहीं मिली है और उन्हें इसके लिए पड़ोसी राज्य जाना पड़ा है।
कोर्ट ने 2 जून को सरकार से पूछा था कि जब टीका पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं था तो फिर सरकार ने धूमधाम से इतने टीका केंद्र क्यों शुरू किए। इसके बाद 4 जून को सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि जब सरकार को पता था कि भारत बायोटेक अब टीका उपलब्ध नहीं करा पाएगा तो फिर सरकार ने टीका लगाना बंद क्यों नहीं किया। दिल्ली सरकार ने कहा था कि भारत बायोटेक ने पांच लाख टीका उपलब्ध कराने को कहा था, जबकि मई में महज 1.5 लाख टीका दिया गया।