नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने लॉकडाउन में दिल्ली में बिजली वितरण कंपनियों द्वारा मनमाने और अनुचित तरीकों से बिल बनाने का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह पहले विद्युत नियामक डीईआरसी से संपर्क करे। यह याचिका एक डॉक्टर की ओर से दायर की गई।
याचिकाकर्ता का कहना था कि बिल की गणना मनमाने ढंग से की गई है, जो नियमों का उल्लंघन है। इसके बाद पीठ के सुझाव पर याचिकाकर्ता ने डीईआरसी से इस संबंध में संपर्क करने की बात कही और पीठ की अनुमति पर याचिका वापस ले ली।