फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सफदरजंग में ही रहेंगे सोनम वांगचुक: पत्नी की याचिका पर हाईकोर्ट का राहत देने से इनकार, कहा- हिरासत में नहीं

Sun, 19 Jul 2026 09:59 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि उनका अस्पताल में भर्ती होना मनमाना नहीं है।
विज्ञापन
सोनम वांगचुक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली हाईकोर्ट ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल (मेदांता) में शिफ्ट करने की याचिका पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि उनका अस्पताल में भर्ती होना मनमाना नहीं है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा की एकलपीठ ने आज इस मामले की तत्काल सुनवाई की। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि एंगमो की याचिका में सफदरजंग अस्पताल में इलाज पर भरोसा न होने और चिकित्सकीय रिपोर्ट में विसंगति का आरोप लगाया गया था। याचिका में वांगचुक को उनके पसंद के अस्पताल में इलाज की अनुमति मांगी गई थी।

विज्ञापन
Trending Videos

केंद्र सरकार की तरफ से पेश वकील ने 16 जुलाई के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के आदेश को आधार बनाते हुए कहा डबल बेंच ने कहा था कि उनकी जांच सरकारी डॉक्टरों द्वारा की जाए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों की सलाह के आधार पर मेडिकल हस्तक्षेप किया जाए। एकलपीठ ने सरकार के कदमों से सहमति जताते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जानी चाहिए। एएसजी चेतन शर्मा की मांग पर अदालत ने अपने आदेश में जोड़ा कि मेडिकल कंडीशन को मॉनीटर किया जाना चाहिए और मेडिकल प्रोटोकॉल के आधार पर निर्णय लिए जाने चाहिए जिसका कपिल सिब्बल ने विरोध भी किया। इसके अलावा सोनम की पत्नी ने अदालत से कहा कि उन्हें अस्पताल में अपना फोन नहीं लिए जाने दिया जा रहा है। इसके अलावा कपिल सिब्बल ने अस्पताल कक्ष में पुलिसकर्मी की मौजूदगी को भी अदालत के सामने रखा। 

कैसे आगे बढ़ी सुनवाई
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल बहस की शुरुआत की सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि वांगचुक 17-18 दिनों से अनशन पर हैं और उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि स्वतंत्र नागरिक के तौर पर उन्हें अपनी पसंद का अस्पताल और डॉक्टर चुनने का अधिकार है। वहीं, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सरकार सफदरजंग जैसे बेहतरीन अस्पतालों में इलाज करा रही है। अगर वांगचुक की तरफ से यह कहा जाता है तो सरकार उन्हें एम्स में भी भर्ती कर सकती है। चेतन शर्मा ने बताया कि वांगचुक की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि वांगचुक आईवी फ्लूइड्स लेने से इनकार कर रहे हैं और केटोसिस की स्थिति में हैं।

अदालत बोली हिरासत नहीं, बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में है वांगचुक
अदालत ने कहा कि वांगचुक हिरासत में नहीं हैं, परिवार को असीमित पहुंच दी गई है और डॉक्टरों पर भरोसा करना चाहिए। कोर्ट ने बड़े चित्र को देखते हुए स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। सोनम वांगचुक 28 जून 2026 से जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। शिक्षा व्यवस्था (नीट पेपर लीक सहित) में सुधार की मांग कर रहे हैं इसके साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। अनशन के करीब 20वें दिन उनके स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन

24 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
सोनम वांगचुक की पत्नी की याचिका पर फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा ने कहा कि परिवार को अस्पताल में रेस्टरूम उपलब्ध कराए जाएं इसके साथ ही सोनम तक उनकी पहुंच को सीमित ना किया जाए। अदालत ने कहा कि सोनम अपनी सहमति से दवाएं ले रहे हैं। ऐसे में इसे हिरासत नहीं कहा जा सकता है। चेतन शर्मा ने अदालत से मांग करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक से इलाज के दौरान सहयोग करने का भी निर्देश आदेश में जोड़ा जाए लेकिन कपिल सिब्बल ने इसका सख्त विरोध किया। अदालत ने केंद्र सरकार से तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें