नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहे इंटरनेशनल कॉल सेंटर के कथित सरगना को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा मामला काफी गंभीर है और आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है ताकि पूरे मामले का पर्दाफाश हो सके।
न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने आरोपी भानू प्रकाश सिंह के उस तर्क को खारिज कर दिया कि वह किसी अन्य कंपनी में काम करता है और उसका इस कॉल सेंटर से कोई देना देना नहीं। अदालत ने कहा कि आरोपी भले किसी अन्य कंपनी में काम करता हो लेकिन ऐसा भी नहीं है कि वह कॉल सेंटर नहीं चला सकता।
अदालत ने कहा कि पुलिस की जांच रिपोर्ट व गिरफ्तार अन्य आरोपियों के बयानों से प्रथम दृष्टया स्पष्ट है कि कॉल सेंटर का कर्ताधर्ता आरोपी ही है। अन्य गिरफ्तार 15 लोग याची से ही दिशा निर्देश लेते थे। उनके व्हाटसएप चैट से भी इस बात की पुष्टी होती है। अदालत ने कहा मामले की जांच आरंभिक स्थिति में है और पूरे मामले की तह तक जाने के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
पुलिस का आरोप है कि आरोपी व उसके साथी अमेजन से ऑनलाइन खरीदारी करने वाले अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना ऑनलाइन फ्राड कर रहे थे। पुलिस ने कीर्ति नगर स्थित उक्त कॉल सेंटर पर 26 मार्च 2021 को छापा मार कर अमेरिकी नागरिकों से ठगी में शामिल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने कहा कि उस समय वे सभी कंप्यूटर और लैपटॉप पर अंग्रेजी भाषा में लोगों से बात करने में व्यस्त थे। उनके पास अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर के संचालन के लिए दूरसंचार मंत्रालय द्वारा जारी कोई वैध लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने वहां से लैपटॉप, करीब 23 कंप्यूटर, मोबाइल फोन, एक इंटरनेट सर्वर, इंटरनेट राउटर व कागजात भी बरामद किए।
जांच में पाया गया कि आरोपी ने अवैध रूप से अमेजन के ऑनलाइन ग्राहकों का डाटा हासिल किया और अमेजन सपोर्ट स्टाफ की आड़ में अमेरिकी नागरिकों को कॉल किए। उनके द्वारा ऑनलाइन शॉपिंग भुगतान के गिफ्ट वाउचर का लालच देकर धोखाधड़ी की। जांच के दौरान कई अमेरिकी नागरिक जांच में शामिल हुए हैं।
आरोपी ने तर्क रखा था कि उसका गिरफ्तार आरोपियों व कॉल सेंटर से कोई लेना-देना नहीं है और जांच अधिकारी ने इस बात की जांच भी की है वह किसी अन्य कंपनी में काम करता था। इसके अलावा कोविड महामारी के कारण उसकी तबीयत भी ठीक नहीं है।