दिल्ली उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ नागरिकों और अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं के लिए कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी और एहतियाती खुराक के बीच अंतर को नौ महीने से घटाकर तीन महीने करने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने संबंधी याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा कि यह एक प्रशासनिक फैसला है और अदालत ऐसे नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगी। पीठ ने कहा कि जनहित याचिका दायर करने के लिए उचित तैयारी नहीं थी।
अदालत ने सख्त रवैया अपनाते हुए जब याचिका को लागत के साथ खारिज करने की बात कही तो वकील ने कहा कि वह याचिका वापस ले रहा है। याचिकाकर्ता दिशांक धवन ने अपनी याचिका में अग्रिम पंक्ति और स्वास्थ्य कर्मियों सहित वरिष्ठ नागरिकों के लिए वैक्सीन की दूसरी खुराक और एहतियाती तीसरी खुराक के बीच 39 सप्ताह (नौ महीने) से घटाकर तीन महीने करने की मांग की।