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दिशा रवि से संबंधित प्राथमिकी के तथ्य लीक मामले में जवाब न देने पर हाईकोर्ट नाराज

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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने टूलकिट मामले में आरोपी जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के तथ्य मीडिया में लीक मामले में जवाब न दाखिल करने पर केंद्र व दिल्ली पुलिस के प्रति नाराजगी जताई है। अदालत ने दोनों को जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम मौका प्रदान करते हुए कड़ी चेतावनी दी है। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया था कि किसी भी हालत में मामले से संबंधित तथ्य मीडिया में लीक न हों।
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न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने केंद्र व दिल्ली पुलिस को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय प्रदान करते हुए सुनवाई 18 मई तय की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों पक्ष दो सप्ताह में जवाब दाखिल करें और उसके बाद याचिकाकर्ता अपना पक्ष लिखित में पेश करे।
अदालत ने कहा था कि यह गंभीर मामला है और इतना तो तय है कि किसी न किसी ने तथ्य लीक किए। अदालत ने सरकार को इस मामले में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि उसने दस्तावेज लीक नहीं किए। अदालत ने उनके तर्क पर असहमति जताई थी। दिशा रवि को पुलिस ने 13 फरवरी को गिरफ्तार किया था।
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केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सालीसीटर जनरल चेतन शर्मा व दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अधिवक्ता अमित महाजन ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए कुछ समय प्रदान करने का आग्रह किया।
पुलिस का आरोप है कि टूलकिट के जरिये दिशा व उसके साथियों ने किसान आंदोलन में किसानों व अन्य को उकसाया। निचली अदालत ने उसे 19 फरवरी को जमानत प्रदान कर दी थी। याची ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मीडिया में प्राथमिकी व अन्य जानकारी लीक कर दी जिससे उसके खिलाफ मीडिया ट्रायल शुरू हो गया। उन्होंने अपने अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
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