नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण द्वारा अपने खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे को रद्द करने के लिए दायर याचिका पर इंडिया बुल्स ग्रुप की सहायक कंपनियों के एक निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने मामले में शिकायतकर्ता व इंडियाबुल्स वेंचर कैपिटल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक भावना नरवाल को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याचिका स्वीकार कर ली जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई 12 जुलाई तय की है।
भावना नारवाल ने समूह व इसके प्रमोटरों एवं निदेशकों के खिलाफ मीडिया प्लेटफार्म पर अपमानजनक बयान पोस्ट करने को लेकर प्रशांत भूषण के खिलाफ आपराधिक मानहानि याचिका दायर की है। प्रशांत भूषण ने उनके खिलाफ रोहतक अदालत द्वारा पारित अक्टूबर 2019 के आदेश को रद करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले को रोहतक से पटियाला हाउस कोर्ट में स्थानांतरित किया गया है।
अधिवक्ता भूषण ने पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा 9 दिसंबर, 2020 को उन्हें पेश होने का निर्देश देने वाले आदेश को भी चुनौती दी है। भूषण की तरफ से पेश हुई अधिवक्ता कामिनी जायसवाल ने तर्क रखा कि यह मामला याचिकाकर्ता को परेशान करने के लिए एक दुर्भावनापूर्ण प्रयास के अलावा कुछ नहीं है।