नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में गिरफ्तार पिंजरा तोड़ समूह की सदस्य देवांगना कलीता को मंगलवार को जमानत दे दी। दंगे से पहले जाफराबाद इलाके में सीएए के विरोध में लोगों को भड़काने समेत अन्य आरोपों में कलीता को गिरफ्तार किया गया था। इस साल 24 और 25 फरवरी को हुए इन दंगों में 53 लोगों की जान गई थी और 250 से ज्यादा घायल हुए थे।
न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की एकल पीठ ने जेएनयू की छात्रा देवांगना कलीता को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानती मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। वहीं, पीठ ने कलीता को निर्देश दिया कि वह मामले से संबंधित गवाहों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने और सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश न करें।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने देवांगना कलीता और पिंजरा तोड़ समूह की अन्य सदस्य नताशा नरवाल को सीएए के विरोध में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में हुए दंगों से जुड़े मामले में मई में गिरफ्तार किया था। इन पर दंगा करने, गैरकानूनी तरीके से एकत्रित होने और हत्या की कोशिश सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
वहीं, कलीता पर आरोप है कि दंगे से एक दिन पहले 23 फरवरी को उन्होंने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास लोगों को सीएए के खिलाफ उकसाया था और उसके अगले ही दिन दंगा शुरू हो गया था। कलीता पर दिसंबर में सीएए के खिलाफ प्रदर्शनों में दरियागंज इलाके में हिंसा और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे सहित चार मामले दर्ज हैं।