नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने भाजपा नेता शशिकला पुष्पा से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश फेसबुक और गूगल को दिया है। याचिका दायर कर भाजपा नेता ने दावा किया कि एक व्यक्ति के साथ उसकी तस्वीरों और वीडियो से छेड़छाड़ करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया जिससे उनकी छवि धूमिल हो रही है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई करते हुए अन्ना द्रमुक की पूर्व नेता शशिकला की अपील पर फेसबुक, गूगल और यूट्यूब समेत अन्य सोशल मीडिया को नोटिस जारी करके जवाब मांगा। पीठ ने अगली सुनवाई 3 सितंबर के लिए सूचीबद्ध की है।
इस याचिका में शशिकला ने एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी है। एकल पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि लोगों को यह जानने का अधिकार है उनकी निर्वाचित प्रतिनिधि बंद दरवाजों के पीछे किससे मुलाकात कर रही हैं और किससे नजदीकियां बढ़ा रही हैं।
पीठ के समक्ष फेसबुक, गूगल और यूट्यूब ने पीठ के समक्ष दलील दी कि वे केवल मध्यस्थ हैं और अपने प्लेटफॉर्म पर कोई सामग्री अपलोड नहीं करते। वहीं वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी और अरुण कठपालिया ने कहा कि वे उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करेंगे और फौरन सामग्री हटाएंगे। उधर, शशिकला की वकील ऋचा कपूर ने पीठ को उन यूआरएल की सूची भी मुहैया करवाई जिन्हें हटाया जाना है।
पीठ ने हाईकोर्ट की एकल पीठ के 2 जून के उस आदेश पर भी रोक लगा दी है जिसमें शशिकला को फेसबुक इंक, गूगल एलएलसी और यूट्यूब को दो-दो लाख रुपये का भुगतान करने के लिए कहा गया था।