दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को शरजील इमाम के खिलाफ समन जारी किया और उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दायर आरोप पत्र का संज्ञान लिया।
कोर्ट ने कहा कि वर्तमान कोरोना महामारी के कारण, यदि अभियुक्त को कोर्ट में पेश करना संभव नहीं है तो उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया जाए।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शरजील इमाम के खिलाफ यूएपीए कानून के तहत मामला दर्ज किया है। यह बात दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में सामने आई है। चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि शरजील इमाम के अलीगढ़ और जामिया वाले भाषणों के वीडियो में जो आवाज है, उनका मिलान हो चुका है। इसी के बाद शरजील के खिलाफ यूएपीए के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
दिल्ली पुलिस ने अदालत में पेश की गई चार्जशीट में खुलासा किया है कि उसने शरजील के खिलाफ यूएपीए कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया है। गौरतलब है कि शरजील का 13 दिसंबर से 15 दिसंबर 2020 के बीच जामिया विश्वविद्यालय के बाहर दिए गए भड़काऊ और देशविरोधी भाषण और अलीगढ़ विश्वविद्यालय के बाहर चिकन नेक वाले भाषण समेत कई वीडियो पुलिस को मिले थे।
शरजील की आवाज का सैंपल और इन वीडियो की आवाज का मिलान करने के लिए फॉरेंसिक विभाग को भेजा गया था। फॉरेंसिक जांच के बाद शरजील की आवाज और इन वीडियो की आवाजें समान पाई गई हैं। गौरतलब है कि अपराध शाखा ने कोर्ट से अनुमति लेने के बाद सीएफएसएल लैब में शरजील की आवाज का सैंपल लिया था। शरजील के खिलाफ दिल्ली समेत कई राज्यों में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज है।
बता दें कि शरजील इस समय असम में है और कोरोना से संक्रमित होने के चलते बीते दिनों वह दिल्ली नहीं लाया जा सका था।