नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने पिंजरा तोड़ समूह की सदस्य नताशा नरवाल को मामले में दाखिल होने वाले आरोपपत्र की संपूर्ण प्रति देने का पुलिस को निर्देश दिया। पीठ ने यह निर्देश नरवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। नताशा को सीएए के विरोध में फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में गिरफ्तार किया गया था।
न्यायमूर्ति विभु बाखरू की एकल पीठ ने पुलिस को निर्देश दिया कि जेएनयू छात्रा एवं पिंजरा तोड़ समूह की सदस्य को मामले से जुड़े सभी बयान और संरक्षित गवाहों की जानकारी मुहैया करवाई जाए। पीठ ने कहा कि समय को देखते हुए संरक्षित गवाहों के बयानों को उनकी पहचान की रक्षा के लिए कम किया जा सकता है। पुलिस ने कहा कि मामले में आरोप पत्र 17 सितंबर तक या उससे पहले दाखिल कर देगी।
निचली अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। दिल्ली दंगे में नताशा की संलिप्तता के आरोप में आईपीसी तथा यूएपीए के तहत मामला दर्ज है। नताशा को मई में गिरफ्तार किया गया था।