नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को जेल प्रशासन को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा पर लंबित मामलों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। हवारा का आरोप है कि उसके खिलाफ चल रहे मामलों की सूची नहीं है। सरकारी अधिकारियों की निष्क्रियता उसे पैरोल, फरलो जैसे उसके कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करने से रोक रही है।
न्यायमूर्ति ए जे भंभानी ने यह निर्देश हवारा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। दिल्ली सरका के स्थायी वकील (आपराधिक) राहुल मेहरा ने कहा कि दिल्ली की जेलों के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार हवारा पर 37 मामले लंबित हैं। दिल्ली के बाहर अदालतों से जानकारी एकत्र करने के बाद उनकी मौजूदा स्थिति से सूची को मिलाने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए उन्होंने चार सप्ताह का समय मांगा गया है।
न्यायमूर्ति ने कहा कि तैयार की जाने वाली सूची मामले की अगली तारीख से पहले याचिकाकर्ता (हवारा) को दी जाये। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को तय की है। हवारा की ओर से वकील महमूद प्राचा ने कहा कि उनके पास हवारा के खिलाफ लंबित मामलों की सूचना नहीं है क्योंकि ज्यादातर मामले पंजाब में लंबित हैं। हवारा इस समय तिहाड़ जेल में बंद है।
वर्ष 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के साजिशकर्ता बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकी हवारा को पंजाब की एक अदालत ने 31 जुलाई 2007 को मौत की सजा सुनाई थी। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 12 अक्टूबर, 2010 को हवारा की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था।