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सांसों का संकट : बत्रा अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 12 मरीजों की मौत, अगले 24 घंटे में बढ़ सकता है आंकड़ा

Sat, 01 May 2021 06:45 PM IST
सुशील कुमार कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दोपहर तक एक डॉक्टर समेत 8 मरीजों की मौत हुई थी, लेकिन शाम तक चार मरीजों की और मौत हो गई। जिससे मौत का आंकड़ा 12 हो गया। दरअसल, दोपहर में चार मरीजों की सांसें उखडने लगीं, जिसके चलते उन्हें ऑक्सीजन टैंकर आने के बाद वेंटिलेटर पर ले जाना पड़ा।
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बत्रा अस्पताल में 12 कोरोना मरीजों की मौत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश की राजधानी में ऑक्सीजन न मिलने की वजह से 12 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई। इसमें एक वरिष्ठ डॉक्टर भी शामिल थे। शनिवार सुबह बत्रा अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने की वजह से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मरीजों को डिस्चॉर्ज करना पड़ा, लेकिन गंभीर हालत में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन समय पर नहीं मिल सका और 12 लोगों ने दम तोड़ दिया। 

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दोपहर तक एक डॉक्टर समेत 8 मरीजों की मौत हुई थी, लेकिन शाम तक चार मरीजों की और मौत हो गई। जिससे मौत का आंकड़ा 12 हो गया। दरअसल, दोपहर में चार मरीजों की सांसें उखडने लगीं, जिसके चलते उन्हें ऑक्सीजन टैंकर आने के बाद वेंटिलेटर पर ले जाना पड़ा। कुछ घंटों बाद चारों मरीज की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अभी 220 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, लेकिन इनमें से कई के हालत गंभीर हैं। अगले 24 घंटे में मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है।  





जानकारी के अनुसार तुगलकाबाद स्थित बत्रा अस्पताल में शनिवार सुबह सात बजे ऑक्सीजन खत्म होने लगी थी। अस्पताल के पास दो हजार लीटर ऑक्सीजन का ही स्टॉक था, जोकि तीन से चार घंटे में खत्म हो सकता था। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सुबह से ही प्रशासनिक अधिकारियों को ऑक्सीजन जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की अपील की जा रही थी, लेकिन कभी उन्हें मुंडका तो कभी बुराड़ी में टैंकर होने की जानकारी मिलती रही। आखिर में ऑक्सीजन समय पर नहीं मिल सका और 12 मरीजों की मौत हो गई।

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अस्पताल के निदेशक डॉ. एससीएल गुप्ता ने कहा, हम दो सप्ताह से ऑक्सीजन के लिए जूझ रहे हैं। कोर्ट में भी मामला चल रहा है और हर दिन वहां जानकारी भी दे रहे हैं, लेकिन यह समझना होगा कि ऑक्सीजन हमें नहीं चाहिए। हम सुबह सात बजे से फोन कर रहे थे, लेकिन समय पर टैंकर नहीं आया। बीते शुक्रवार को भी ऐसा हुआ लेकिन उस दौरान पांच हजार लीटर ऑक्सीजन हमें मिल गई थी। हमें पता था कि इससे थोड़ा वक्त आगे बढ़ाया जा सकता है। दो हजार लीटर ऑक्सीजन बचने के बाद हमनें अलर्ट जारी भी किया लेकिन जब तक टैंकर मिलता तब तक आठ मरीजों की मौत हो गई।

हम उन्हें नहीं बचा सके। इनमें से छह मरीज हाई प्रेशर की ऑक्सीजन पर आईसीयू में थे। बाद में चार मरीजों की और मौत हो गई। डॉ. गुप्ता ने कहा कि उनके यहां 80 फीसदी बेड कोविड उपचार के लिए दिल्ली सरकार ने आरक्षित किए हुए हैं। अभी अस्पताल में 326 मरीज भर्ती हैं जिनमें से 300 कोरोना संक्रमित हैं। इनमें से 230 मरीज अस्पताल में हाई प्रेशर पर हैं और 48 मरीज आईसीयू में हैं।

दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति, बेड और दवाओं की कमी को लेकर हाईकोर्ट में शनिवार को भी सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि पानी सिर से ऊपर चला गया है। केंद्र सरकार को आदेश देते हुए कहा कि दिल्ली को हर हाल में उसके कोटे की ऑक्सीजन दें।  

केजरीवाल बोले- इतनी कम ऑक्सीजन में दिल्ली कैसे सांस ले
वहीं ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये खबर बहुत ही ज्यादा पीड़ादायी है। उन्होंने कहा कि सही समय पर ऑक्सीजन देकर इनकी जान बच सकती थी। दिल्ली को उसके कोटे की ऑक्सीजन दी जाए। अपने लोगों की इस तरह होतीं मौतें अब और नहीं देखी जाती। दिल्ली को 976 टन ऑक्सीजन चाहिए, लेकिन कल केवल 312 टन ऑक्सीजन दी गई। इतनी कम ऑक्सीजन में दिल्ली कैसे सांस ले?

हरियाणा नंबर वाले चार ऑक्सीजन टैंकर दिल्ली को करें आवंटित
हाईकोर्ट ने केंद्र को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि वे हरियाणा नंबर वाले चार ऑक्सीजन टैंकर दिल्ली को आवंटित करें। राजस्थान में हाल ही में हिरासत में लिए गए टैंकर को तुरंत रिहा करे। कोर्ट ने केंद्र को इस बारे में रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा है।
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दिल्ली में जल्द जुड़ेंगे 15000 और बेड  
बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए सशस्त्र बलों की मदद लेने के सुझावों पर दिल्ली सरकार के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि इस प्रक्रिया में हम उच्चतम स्तर पर हैं। हमारी सरकार इसे देख रही है और जल्द ही दिल्ली में 15000 और बेड जुड़ जाएंगे। इसके बाद कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि आपने सेना की मांग क्यों नहीं की। अगर आप सेना से अनुरोध करते तो वे अपने स्तर पर काम करते। उनका अपना बुनियादी ढांचा है।

आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ जारी करें अवमानना नोटिस
दिल्ली सरकार के अधिवक्ता राहुल मेहरा ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि वे सहमत राशि के 40 प्रतिशत से कम की आपूर्ति करने के लिए आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ अवमानना की नोटिस जारी करें। उन्होंने कहा कि आपूर्तिकर्ताओं में जब तक डर नहीं पैदा कर देते, तब तक वे शहर में लूट मचाते रहेंगे। हाईकोर्ट ने एमिकस क्यूरी को आपूर्तिकर्ताओं से बात करने के लिए कहा है। 

अस्पतालों में बेडों की भारी कमी
हाईकोर्ट ने कहा कि अस्पतालों में बेडों की भारी कमी है। न्यायालय ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिया कि वे 10 दिनों से अधिक समय तक रहने वाले रोगियों और दैनिक प्रवेश और छुट्टी की संख्या के बारे में जानकारी दें। कोर्ट ने केंद्र की ओर से पेश वकील अमित महाजन को लिंडे और अन्य से ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए सरकार के अधिकारियों से बात करने का निर्देश दिया। कई अस्पतालों ने कोर्ट को बताया कि उनके आपूर्तिकर्ता लिंडे एयर ऑक्सीजन प्रदान नहीं कर रहे हैं।
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