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मणिपुर के आतंकी गुट का सरगना गिरफ्तार, सीएम को दी थी जान से मारने की धमकी

Tue, 03 Mar 2020 02:11 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर
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मणिपुर के प्रतिबंधित आतंकी संगठन कंगलेईपाक कम्यूनिस्ट पार्टी-पीपुल्स वार ग्रुप (केसीपी-पीडब्ल्यूजी) के स्वयंभू चेयरमैन (सरगना) लाइसराम मंगोलजाओ उर्फ लामण्वा खुमोन उर्फ हीराचंद उर्फ पिबरेल उर्फ जगदीश कोईराला उर्फ लुक उर्फ सैम (43) को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने साथी हिजबुर रहमान के साथ गिरफ्तार किया है। सरगना ने मणिपुर के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को जान से मारने की धमकी दी थी। मणिपुर पुलिस ने लाइसराम मंगोलजाओ पर एक लाख रुपये का इनाम रखा था। वह देशविरोधी, आतंकी गतिविधियों और कारोबारियों व नेताओं से रंगदारी वसूलने की वारदात में शामिल रहा है। ये दिल्ली में आधार बनाने आए थे।

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स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि मणिपुर पुलिस ने सूचना दी थी कि लाइसराम मंगोलजाओ हिजबुर रहमान के साथ दिल्ली में कहीं छिपा है। इंस्पेक्टर संजीव कुमार, इंस्पेक्टर मान सिंह, एसआई संदीप यादव, आनंद कुमार, गोपाल, पुनीत व रवि की टीम ने जांच की। इसके बाद टीम ने 1 मार्च को निरंकारी सत्संग ग्राउंड, बुराड़ी में घेराबंद कर सरगना लाइसराम मंगोलजाओ व उसके साथी हिजबुर रहमान उर्फ आईथेमछा लोहोन उर्फ बॉबी (30) को गिरफ्तार कर लिया। मणिपुर कोर्ट ने इनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर रखे है। लाइसराम मंगोलजाओ ग्रेनेड हमले, शूटआउट, हत्या, बम रखने, व्यवसायी व राजनेताओं से रंगदारी वसूलने आदि वारदात में शामिल रहा है। उसके गुट के लोग खुले तौर पर सरेंडर करने की बात करते थे, मगर अंदर-अंदर अपनी गतिविधियां जारी रखे थे।

पिछले साल पुलिस ने इस गिरोह के सरगना ओइनाम लबोचुबा सिंह को कोटला मुबारकपुर इलाके से पकड़ा था। केसीपी पुराना आतंकी संगठन है। पुलिस को लगा कि उसकी गिरफ्तारी से गिरोह खत्म हो जाएगा, मगर लाइसराम ने कमान संभाल ली थी। अभी दिल्ली में इनकी सक्रियता सामने आई है। मणिपुर में आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक एक्ट, यूएपीए के तहत एफआईआर दर्ज है।

सोशल मीडिया पर सीएम को दी थी धमकी

मणिपुर यूनिवर्सिटी के वाउस चांसलर एपी पांडेय को हटाने के लिए अगस्त, 2018 में छात्रों व शिक्षकों ने आंदोलन किया था। आतंकी इंडो-म्यामार बॉर्डर के पिलर मुद्दे और नगा समझौते के मामले में मुख्यमंत्री को नाकाम बताते हैं। केसीपी ने धमकी भरा मैसेज सोशल मीडिया पर प्रसारित किया था। इसमें कहा गया था कि मुख्यमंत्री एन. वीरेन सिंह ने एक महीने में ये मुद्दे नहीं सुलझाए तो उन्हें व अन्य मंत्रियों को मार दिया जाएगा।

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