नई दिल्ली। हाल ही में चीन द्वारा जासूसी किए जाने की बात सामने आने के बाद अब राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के कंप्यूटरों पर साइबर अटैक का मामला सामने आया है। साइबर हमले के बाद शिकायतकर्ता कर्मचारी का कंप्यूटर ठप हो गया था। स्पेशल सेल के सूत्रों के अनुसार बंगलूरू की आईटी फर्म की ओर से भेजेे गए ई-मेल में वायरस था। स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने सितंबर के पहले सप्ताह में एनआईसी की शिकायत पर संदिग्ध मालवेयर हमले का मामला दर्ज कर लिया था। बताया जा रहा है कि इस लिंक ने एनआईसी के 100 कंप्यूटरों को प्रभावित किया है। वहीं दिल्ली पुलिस ने एनआईसी में व्यापक साइबर घुसपैठ की बात से इनकार किया है।
दर्ज कराई गई शिकायत में एक मंत्रालय से जुड़े कर्मचारी ने कहा है कि उसके अधिकारिक मेल पर एक लिंक आया। जैसे ही उस लिंक को क्लिक किया गया उसके कंप्यूटर पर कुछ विशेष संदेश आने लगा। इसके बाद कंप्यूटर ठप हो गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार एनआईसी ने डाटा का कोई नुकसान नहीं होने का दावा किया है। पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व जांच की बात कहकर मामले में ज्यादा बताने से इनकार कर दिया। स्पेशल सेल के डीसीपी मनीषी चंद्रा ने बताया कि सितंबर के प्रथम सप्ताह में कर्मचारी की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। जांच अभी शुरुआती चरण में है। फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता।
एनआईसी के पास रहता है महत्वपूर्ण डाटा
एनआईसी सरकार की नोडल एजेंसी है जो देश के महत्वपूर्ण विभागों और लोगों को साइबर सुरक्षा प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है। यह विभाग इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आता है। एनआईसी के पास प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के अलावा सुरक्षा, वीआईपी हस्तियों से जुड़ा डाटा रहता है। यह केंद्र और राज्य सरकारों व अन्य सरकारी निकायों को नेटवर्क व ई-गवर्नेंस की सुविधा भी प्रदान करता है।