उच्च न्यायालय ने कहा कि अदालत या ट्रिब्यूनल द्वारा एक बार फैसला दिए जाने के बाद उसी मुद्दे पर बार-बार मुकदमेबाजी का सहारा लेने के लिए अधिकारी लोगों को मजबूर न करें। अदालत ने केंद्र को फटकार लगाते हुए कहा कि इसी तरह के मुकदमों को खत्म करने के लिए नेशनल लिटिगेशन पॉलिसी बनाई गई है। उसके बारे में सरकार के सभी अधिकारियों को ध्यान रखना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल एवं न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने इंडिगो एयरलाइंस की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। याचिका आईजीएसटी छूट को लेकर दाखिल की गई थी। अदालत ने कस्टम अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आवेदन पर जल्द से जल्द कानून और तय नीति के अनुसार विचार करें। जल्द निर्णय लेकर याचिकाकर्ता को सूचित किया जाए।
पीठ ने यह भी कहा कि नए अधिकारी के आने के बाद एक-दो बार इस तरह की घटना हो सकती है, लेकिन यह बार-बार नहीं होनी चाहिए। इसी तरह के मुद्दों को देखते हुए नेशनल लिटिगेशन पॉलिसी बनाई गई, जो अब भी देश में लागू है। सभी कानूनी मुद्दों में इसे लागू करें और जो फैसला है, उसका अनुपालन करें।