कोरोना से उपजी स्थिति को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) की बारहवीं की परीक्षाएं रद कर दी गई हैं। सीबीएसई ने इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। अब जल्द ही बिना परीक्षा के बच्चों का मूल्यांकन कैसे होगा, इसको लेकर मूल्यांकन क्राइटेरिया जारी किया जाएगा। मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं होने पर बोर्ड कोरोना महामारी की स्थिति सुधरने पर बोर्ड परीक्षा में बैठने का अवसर प्रदान करेगा। इससे पहले अप्रैल में दसवीं बोर्ड की परीक्षाएं भी रद कर दी गई थी।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड केपरीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज की ओर से मंगलवार को एक नोटिफिकेशन जारी किया गया। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि बारहवीं की जो परीक्षाएं अप्रैल में स्थगित की गई थी, उन्हें अब रद किया जा रहा है।
बोर्ड का कहना है कि कक्षा 12 वीं का मूल्यांकन समयबद्ध तरीके से अच्छी तरह से परिभाषित वस्तुनिष्ठ मानदंडों के अनुसार किया जाएगा। इन्हें जल्द ही जारी किया जाएगा। बोर्ड ने फैसला किया है कि यदि कोई भी छात्र जो मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं है, उन्हें स्थिति अनुकूल होने पर परीक्षा में बैठने का विकल्प सीबीएसई द्वारा प्रदान किया जाएगा।
इससे पहले बोर्ड ने अप्रैल में दसवीं की परीक्षा भी रद कर दी थी। दसवीं के बच्चों का मूल्यांकन सीबीएसई की ओर से जारी मूल्यांकन फॉर्मूले के आधार पर किया जा रहा है। बोर्ड ने 100 में से 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के लिए जबकि 80 अंक मिड टर्म, प्री बोर्ड और यूनिट टेस्ट के आधार पर दिए जाएंगे। यूनिट टेस्ट के लिए 10 अंक, मिड टर्म केलिए 30 और प्री बोर्ड के लिए 40 अंक तय किए गए हैं।