बरी होते ही कालकाजी मंदिर पहुंचे गोपाल कांडा
हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में बरी होने के बाद कालकाजी मंदिर में पूजा अर्चना की। इस दौरान उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। पुजारी ने गर्भगृह में प्रवेश करवाकर पूजा कराई। पुजारी ने आशीर्वाद स्वरूप कालका मां की चुनरी दी। कांडा ने चुनरी को कार में बैठने के बाद भी गले नहीं उतारा। समर्थकों से घिरे कांडा ने मीडिया से कहा कि सच्चाई की जीत हुई है। उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं था। देवी-देवताओं के आशीर्वाद से वह बरी हुए। मंदिर से रवाना होने के बाद कांड ने कालकाजी मंदिर में पूजा करने की ट्वीट से भी जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट में कहा कि न्याय के मंदिर और ईश्वर पर मुझे विश्वास था। आज मुझे न्याय मिला है। मेरे संघर्ष में हर समय सहयोगी बने रहे सिरसा के जन-जन, देश-प्रदेश के के शुभचिंतकों और समर्थकों का आभारी हूं। मां कालका देवी जी के दरबार में नतमस्तक होकर आशीर्वाद लिया।
पुलिस के सामने गोपाल कांडा ने 12 दिन बाद किया था सरेंडर
गीतिका की खुदकुशी के बाद गोपाल कांडा पर प्रताड़ना का आरोप लगा था। इसके बाद उत्तर पश्चिम जिला पुलिस ने मामला दर्ज कर कांडा की तलाश शुरू कर दी। 250 पुलिसकर्मियों की 40 टीमें हरियाणा व गोवा में दबिश दे रही थीं, लेकिन पुलिस को कांडा के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लगा। 12 दिन बाद अचानक तड़के चार बजे कांडा ने एक निजी चैनल की गाड़ी में बैठकर अशोक विहार स्थित पुलिस उपायुक्त कार्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
यहां पढ़ें गीतिका शर्मा सुसाइड केस की इनसाइड स्टोरी
गीतिका ने डीयू से पत्राचार से स्नातक करने के बाद एयरहोस्टेस का कोर्स किया था। इसके बाद एमडीएलआर कंपनी में नौकरी करने लगी थी। गीतिका ने सुसाइड नोट में लिखा था कि हमने विश्वास किया, लेकिन इन लोगों ने विश्वासघात किया। गीतिका का आरोप था कि नौकरी छोड़ने के बाद गोपाल कांडा और मैनेजर अरुणा चड्ढा ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और दोबारा नौकरी ज्वाइन करने का दबाव बनाया। इससे परेशान होकर वह जान दे रही है। उत्तर पश्चिम जिला के तत्कालीन पुलिस उपायुक्त पी करुणाकरण ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि गीतिका ने सुसाइड नोट में गोपाल कांडा व अरुणा का जिक्र किया है।
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में गीतिका ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने फायदे के लिए उसका गलत इस्तेमाल किया और जीवन को असामान्य कर दिया। उसे और परिवार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। गीतिका ने आरोपियों को झूठा और बेईमान बताते हुए लिखा कि फायदे के लिए आरोपी किसी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। उसने कई बार उन्हें माफ कर दिया। ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए। गीतिका ने कांडा के खिलाफ लड़कियों पर गलत नियत रखने, उसकी जिंदगी बर्बाद करने और एक लड़की से संबंध के बाद बच्चा होने का भी आरोप लगाया। वहीं, अरुणा पर आरोप लगाया कि वह पहले उसकी शुभचिंतक थी, लेकिन नौकरी के लिए वह नीचे गिर गई। अरुणा ने मुझे परिवार से जुदा किया, उसे मैं कभी माफ नहीं करूंगी।
एक बार नौकरी का ऑफर ठुकरा दिया था
गीतिका की खुदकुशी के बाद चचेरे भाई ने आरोप लगाया था कि एमडीएलआर एयरलाइंस कंपनी बंद होने के बाद गोपाल कांडा ने दूसरी कंपनी में गीतिका को नौकरी का ऑफर दिया था, जिसे उसने नामंजूर कर दिया था। इसके बाद वह दुबई की अमीरात एयरलाइंस में नौकरी करने लगी थी, लेकिन कांडा ने उसे धमकी दी थी कि वह उसकी इजाजत के बिना किसी भी कंपनी में काम नहीं कर सकती। कांडा ने दुबई की कंपनी को पत्र लिखकर गीतिका के चरित्र पर आरोप लगा दिया था। इसके बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद गोपाल की दूसरी कंपनी में गीतिका निदेशक के तौर पर करने लगी थी, लेकिन प्रताड़ना से परेशान होकर नौकरी छोड़ दी थी।