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राहत और रफ्तार : सुपर फास्ट ट्रेन से भी तेज गति से दौड़ रही है मालगाड़ी

Sun, 30 May 2021 05:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर पर चल रही मालगाड़ी ने राजधानी की औसत रफ्तार को पीछे छोड़ा
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demo pic... - फोटो : ani
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विस्तार
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डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर पर अब मालगाड़ी ट्रेन सुपर फास्ट एक्सप्रेस की औसत गति को भी पीछे छोड़ने लगी है। शनिवार को तो एक सेक्शन में इस कॉरीडोर में इतनी तेज मालगाड़ी दौड़ाई गई कि उसने राजधानी ट्रेन की गति को भी पीछे छोड़ दिया। 

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राजधानी की औसत गति जहां 80 किलोमीटर प्रति घंटा है तो वहीं इस्टर्न फ्रेट कॉरीडोर पर मालगाड़ी 99.40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ी तो वेस्टर्न फ्रेट कॉरीडोर पर 89.50 किलोमीटर
प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के अधिकारियों ने कहा कि मालगाड़ियां राजधानी ट्रेनों की तुलना में तेज गति से चल रही हैं। शनिवार को रिकॉर्ड 99.30 किलोमीटर प्रति घंटे
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की रफ्तार से मालगाड़ी चल रही थी। 

यह उपलब्धि ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बीच तैयार 331 किलोमीटर के ट्रैक न्यू खुर्जा-न्यू भाऊपुर ट्रैक पर दर्ज की गई। इसी तरह वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर रेल ट्रैक रेवाड़ी और मदार के बीच 306 किलोमीटर पर भी मालगाड़ी हवा से बातें करते हुए चल रही है। अभी तक इस ट्रैक पर 3 हजार फेरे लगा चुकी है तो वेस्टर्न कॉरिडोर पर चार हजार फेरे। शनिवार को जिस रफ्तार से मालगाड़ी चली वह सबसे तेज मेल एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना काफी अधिक थी। 

उल्लेखनीय है कि खाली मालगाड़ी ने 300 किलोमीटर की यात्रा महज तीन घंटे बीस मिनट में पूरी की। लिहाजा औसतन गति रास्ते में 99.30 किलोमीटर प्रतिघंटे की रही। सामान्य समय में रेल नेटवर्क पर यही मालगाड़ी की औसत रफ्तार 24 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है। हालांकि, ऑक्सीजन कंटनेर लेकर चल रही मालगाड़ी इन दिनों पूरी रफ्तार में चल रही है। शनिवार तक 305 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन चलाकर 20 हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया। 

1237 कंटेनर से महाराष्ट्र में 614 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3731 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 656 मीट्रिक टन, दिल्ली में 5327 मीट्रिक टन, हरियाणा में 1967 मीट्रिक टन, राजस्थान में 98 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 1994 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 320 मीट्रिक टन, 1735 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उतारी गई है। आंध्र प्रदेश में 1668 मीट्रिक टन, पंजाब में 225 मीट्रिक टन, केरल में 380 मीट्रिक टन, तेलंगाना में 1770 मीट्रिक टन, झारखंड में 38 मीट्रिक टन और असम में 240 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाया गया।

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